कोलकाता । पश्चिम बंगाल में शनिवार को हुये एक चरण के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बेलगाम हिंसा देखी गई। इस हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्ष दोनों से जुड़े 13 लोगों की जान चली गई।हिंसा में एक उम्मीदवार सहित आठ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई एम) के दो-दो और कांग्रेस के एक कार्यकर्ता हिंसक घटनाओं का शिकार हो गए।
नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के अलावा मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और कूच बिहार जिले हिंसा की चपेट में आए।हिंसक झड़पों में कई लोग घायल हुए इसके अलावा कम से कम दो मतदान केंद्रों पर मतपेटियाँ नष्ट हो गईं। इस बीच शाम 5 बजे तक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 66 फीसदी मतदान हुआ। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, “मैं वही करूंगा जो एक राज्यपाल से अपेक्षित है।”राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बेहद असंतोष व्यक्त करते हुए श्री बोस ने कहा, “यह बहुत चिंता का विषय है। मैं सुबह से ही मैदान में हूं। लोगों ने मुझसे अनुरोध किया और मेरे काफिले को रास्ते में रोक दिया।
उन्होंने मुझे हत्याओं के बारे में बताया। उनके आसपास हो रहा है। उन्होंने मुझे बताया कि कैसे गुंडे उन्हें मतदान केंद्रों पर जाने नहीं दे रहे हैं। यह हम सभी के लिए बहुत चिंता का विषय है। यह लोकतंत्र के लिए सबसे पवित्र दिन है। चुनाव मतपत्रों से होना चाहिए, गोलियों से नहीं। ”पश्चिम बंगाल में गत आठ जून को पंचायत चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से राज्य में हिंसा की घटनाएं देखी जा रही हैं।
शनिवार को श्री बोस ने उत्तर 24 परगना और नादिया के कुछ हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया, जहां उन्होंने एक घायल व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की।राज्यपाल ने अस्पताल में घायल व्यक्ति से भी मुलाकात की और पीड़ित को कोलकाता बेस अस्पताल में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की। श्री बोस को नादिया जाते समय बासुदेबपुर के पास रोका गया, जहाँ विपक्षी दलों के समर्थकों ने धांधली और हिंसा की शिकायत की।
राज्यपाल ने पूछा, “लोकतंत्र के रक्षकों की रक्षा कौन करेगा? चुनाव आयोग कहीं नजर नहीं आता, फिर भी आयुक्त चुप्पी साधे हुए हैं।”राज्यपाल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हत्याओं और हिंसा की खबरें आ रही हैं। श्री बोस ने जोर देकर कहा, “आम लोगों की रक्षा कौन करेगा। चुनाव आयोग चुप है। मैंने उनसे जवाब मांगा है कि लोगों और लोकतंत्र की रक्षा कौन करेगा।”(वार्ता)
#WATCH पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी।#WestBengalPanchayatElections2023 pic.twitter.com/w3BjSptn75
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023
आज मैंने जो देखा वह बहुत परेशान करने वाला है। हिंसाए और हत्याएं हो रही हैं। गरीबों की हत्या हो रही है। नेता वहां कैसे नहीं हैं। उनका मार्गदर्शन कौन कर रहा है। हमें गरीबी को खत्म करना होगा और ये गरीबों की हत्या करने से नहीं होगा। यह कुछ ऐसा है जो बहुत परेशान करने वाला है। यह वह… pic.twitter.com/K1RK7zycQ0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023
#WATCH चुनाव गणतंत्र का महोत्सव होता है लेकिन बंगाल में इस बार का पंचायत चुनाव गणतंत्र का महोत्सव नहीं बल्कि मृत्यु का उत्सव बन गया है। जब से चुनावों की घोषणा हुई है उस दिन से आज तक सरकार के पास भी मौत के सही आंकड़े नहीं होंगे…: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक, कूच… pic.twitter.com/b5vgczdEXA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023
आज लोकतंत्र पूरी तरह से खत्म हो गया है। हमारी मांग है कि जहां भी CCTV नहीं है और जहां भी चुनाव में धांधली हुई वहां फिर से मतदान कराया जाए। इनके (राज्य चुनाव आयोग) के खिलाफ 302 के तहत FIR दर्ज़ किया जाना चाहिए: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, कोलकाता pic.twitter.com/cbTnEwdGCY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023
ममता बनर्जी की सरकार में देख रहे हैं कि कोई भी नौजवान मतदान पेटी लेकर दौड़ लगा रहा है, बाराती हाथ में बम लिए घूम रहे हैं। मतदान केंद्रो पर हिंसा हो रही है। इस हिंसा के पीछे कौन हैं? इसका ज़िम्मेदार कौन है? ममता सरकार और ममता बनर्जी को इसका जवाब देना चाहिए: पंचायत चुनाव में हुई… pic.twitter.com/irF6fAosQS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023
जगह-जगह बूथ पर CCTV कैमरा नहीं थे, राज्य की पुलिस भी मौजूद नहीं थी। आज 18 लोगों की हत्या हुई हैं। इनकी किसी बिमारी से मौत नहीं हुई है बल्कि पंचायत चनाव में उनको मार दिया गया। ममता बनर्जी सरकार में मंत्री शशि पांजा कह रहे हैं कि उत्सव के माहौल में मतदान हुए हैं। यह उत्सव नहीं… pic.twitter.com/QXp6G2g96D
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2023



