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सिन्हा ने अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया,यात्री आरएफआईडी कार्ड साथ रखें’

जम्मू : जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ‘बम बम भोले’ के जयकारों के बीच, शुक्रवार सुबह यहां भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर हिमालय में श्री अमरनाथ गुफा तीर्थयात्रा के लिए 3,488 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।62 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 30 अगस्त को समाप्त होगी।श्री सिन्हा ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद श्री अमरनाथ तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई।

उन्होंने कहा, ‘श्री अमरनाथ जी तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। तीर्थयात्री पवित्र गुफा के लिए रवाना हुए।’ उन्होंने कहा, ‘सभी भक्तों को सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण यात्रा की शुभकामनाएं। बाबा अमरनाथ से सभी के लिए सुख , शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।’इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि 3488 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 164 वाहनों के काफिले में आधार शिविर से रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस साल यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए चार लाख से अधिक तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। जम्मू के लोगों ने उम्मीद जताई है कि तीर्थयात्रियों के आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा एवं शांति और सद्भाव का संदेश भी जाएगा।

‘अमरनाथ यात्री आरएफआईडी कार्ड साथ रखें’

केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने अमरनाथ यात्रियों को तीर्थयात्रा पर निकलने से पहले यहां चिह्नित स्थानों से रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) कार्ड इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।अधिकारियों की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।विज्ञप्ति में कहा गया, “सभी यात्रियों को यात्रा के दौरान हर समय श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) द्वारा जारी आरएफआईडी कार्ड पहनना अनिवार्य है। किसी भी यात्री को आरएफआईडी कार्ड के बिना यात्रा क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

“आरएफआईडी आर्बिटर टेक्नोलॉजी कार्ड रेडियो फ्रीक्वेंसी से लैस है और यात्रियों के आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है जो ट्रैकिंग के दौरान रास्ता भटक जाने पर हर तीर्थयात्री का पता लगाने में सक्षम बनाता है।जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस साल अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं और यात्रियों से अपनी सुरक्षित यात्रा के लिए उनका पालन करने को कहा है।जम्मू-कश्मीर सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय ने शुक्रवार के समाचार पत्रों में पहले पन्ने पर विज्ञापनों के माध्यम से अमरनाथ यात्रियों के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसका शीर्षक है “यात्रियों के लिए क्या करें” और “यात्रियों के लिए क्या न करें”।

विज्ञप्ति के अनुसार, 62 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से दक्षिण कश्मीर में पहलगाम और मध्य कश्मीर गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग से पर्याप्त सुविधाओं और अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो रही है।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को 3,488 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान, यात्रियों को आरामदायक कपड़े और ट्रैकिंग जूते पहनने की सलाह दी गई है। यात्रियों से खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए भी कहा गया है।अधिकारियों ने कहा कि अगर यात्रा के समय किसी यात्री को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो उसे निकटतम चिकित्सा सुविधा से संपर्क करना चाहिए।

उन्हें रास्ते में थोड़ा-थोड़ा विश्राम करने की भी सलाह दी और साथ ही ट्रैकिंग मार्ग में अपशिष्ट पदार्थ फैलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने नहीं करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी यात्री खाली पेट यात्रा शुरू न करें और यात्रा के दौरान शराब, कैफीनयुक्त पेय और धूम्रपान से बचें।उन्होंने यात्रियों से अनुरोध किया है कि कोई भी शॉर्टकट अपनाने का प्रयास नहीं करें। उन्हें यात्रा के दौरान हर वक्त सतर्कता से आगे बढ़ना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पिछले साल 18 जुलाई, 2022 को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में 15 तीर्थयात्रियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।पिछले साल 3.60 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन किए।(वार्ता)

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