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ओडिशा रेल दुर्घटना में अब तक 170 शवों की हुई पहचान: जेना

भुवनेश्वर : ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने सोमवार को कहा कि शुक्रवार को बहनागा रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्घटना में मारे गये पीड़ितों में से करीब 170 शवों की पहचान हो चुकी है।श्री जेना ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि शेष शवों की पहचान भी उनके प्रियजनों द्वारा कर ली जाये।इस त्रासदी में मृतकों की संख्या 275 है जबकि एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि शिनाख्त प्रक्रिया के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपने का काम चल रहा है तथा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देशानुसार शवों को उनके गंतव्य तक नि:शुल्क भेजने में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी।उन्होंने देशभर के लोगों से शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई रेलों में यात्रा करने वाले मृतकों और राज्य के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित टोल फ्री नंबरों – 1800-3450061/ 18003451929 पर संपर्क करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि इन दो टोल फ्री नंबरों के जरिए प्रशासन लोगों को बताएगा कि शव कहां रखे गए हैं और घायल मरीजों का इलाज कहां चल रहा है।मुख्य सचिव ने बताया कि भुवनेश्वर आने वालों पीड़ितों के परिजनों के लिए राज्य सरकार शवों की पहचान करने और अस्पताल में घायल मरीजों को देखने के लिए उनके रहने तथा अस्पताल में मुफ्त परिवहन सहित सभी तरह की सहायता प्रदान करेगी।उन्होंने कहा कि काफी प्रयासों के बाद भी अगर कुछ शवों की शिनाख्त नहीं हो पाती है तो सरकार डीएनए जांच कराने के बाद क्षत विक्षत शवों का अंतिम संस्कार करेगी।

श्री जेना ने कहा कि फंसे यात्रियों को मुफ्त में कोलकाता भेजने के लिए पुरी, भुवनेश्वर और कटक रेलवे स्टेशनों से विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है जो ट्रेन की आवाजाही सामान्य होने तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मंगलवार तक ट्रेन सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में कुल 1009 घायल यात्रियों में से केवल 198 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है और एक को छोड़कर अन्य यात्रियों की हालत स्थिर है।ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सत्यब्रत साहू ने बताया कि बचाव दल के अधिकारियों और स्थानीय लोगों के प्रयासों तथा समय पर उपचार के कारण हम लगभग 1200 लोगों की जान बचा सके।(वार्ता)

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