Varanasi

वाराणसी मंडल में डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करेंगे 825 उद्यमी

  • वाराणसी में आयोजित हुआ मंडलीय इन्वेस्टर्स समिट,निवेशकों से रूबरू हुए योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और अफसर
  • सरकार ने उद्यमियों की सभी समस्याओं के निवारण का दिया भरोसा,दो लाख लोगों के लिए बनेगा रोजगार का अवसर

वाराणसी। नये भारत के ग्रोथ इंजन के तौर पर उभर रहे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के जिलों में उद्यमियों ने डेढ़ लाख करोड़ के निवेश को लेकर एमओयू पर दस्तखत किया है। वाराणसी में शनिवार को मंडलीय इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ, जिसमे निवेशकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान योगी सरकार के मंत्रियो ने निवेशकों की जिज्ञासाओं को संतुष्ट किया। साथ ही सरकार की नई औद्योगिक नीति और सब्सिडी के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार निवेशकों के साथ है और उनको किसी भी तरह की कठिनाई नहीं आने देगी। सरकार निवेशकों के सभी समस्याओं का समाधान करेगी। मंडलीय इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल नन्दी रहे।

पूर्वांचल को माफिया राज से छुटकारा व नक्सलियों पर नकेल कसकर योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को पटरी पर ला दिया है। साथ ही मूलभूत सुविधाओं और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करते हुए पूर्वांचल को निवेशकों और उद्यमियों के अनुकूल बनाया है। संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह बताया कि पूर्वांचल के 825 निवेशकों ने 1,52,310 करोड़ रुपए के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। आयुक्त उद्योग ने जानकारी दी कि वाराणसी मंडल के चार जिले वाराणसी, गाज़ीपुर, जौनपुर और चंदौली में कुल 825 निवेशकों ने उद्योग लगाने की सहमति दी है, जिससे पूर्वांचल में तकरीबन दो लाख लोगों के लिए रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे।

वाराणसी मंडल के चार जिलों में हुए एमओयू की सूची

– वाराणसी में 386 निवेशकों ने 130624 .91 करोड़ का एमओयू किया है, जिससे 1,17,413 लोगों रोजगार मिलेगा।

– चंदौली में 183 निवेशकों ने 11387.22 करोड़ का एमओयू किया है, जिससे 42,966 लोगों को रोजगार मिलेगा।

– जौनपुर में 103 निवेशकों ने 18481.94 करोड़ का एमओयू किया है, जिससे 2,28,278 लोगों को रोजगार मिलेगा।

– गाज़ीपुर में 155 निवेशकों ने 1815.63 करोड़ का एमओयू किया है, जिससे 8,341 लोगों को रोजगार मिलेगा।

विभाग का नाम–इंटेंट–निवेश प्रस्ताव (करोड़ में)–रोजगार

1-पर्यटन विभाग-76-54324 करोड़ -38505

2-चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग-18-36957 करोड़-15273

3-ऊर्जा विभाग-2-22800 करोड़-6000

4-उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण-16-12825 करोड़-51605

5-एमएसएमई और निर्यात संवर्धन विभाग-476 -6562 करोड़ -35478

6-ऊर्जा के अतिरिक्त स्रोत विभाग-14- 5935 करोड़-3155

7-आवास विभाग-48 -5216 करोड़-1166 4

8-बागवानी विभाग- -34 -1971 करोड़ -12329

9- शहरी विकास विभाग-6 -1850 करोड़-3240

10 -हथकरघा और कपड़ा विभाग-43 -1142 करोड़ -4618

11 -इंफ्रास्टचर एवं औद्योगिक विकास विभाग-1 -900 करोड़ -100

12 -डेयरी विकास विभाग-41 -651 करोड़ -3956

13 -खाद्य और नागरिक आपूर्ति-5 -650 करोड़-246

14 -आबकारी विभाग-1 -150 करोड़ -40

15 -खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन-5 -120 करोड़ -2085

16 -चिकित्सा शिक्षा विभाग-4 -119 करोड़ -2370

17 -पशुपालन विभाग-10 -43 करोड़ -272

18 -आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग-3 -36 करोड़ -100

19 -सहकारिता विभाग-11 -27 करोड़-195

20 -तकनीकी शिक्षा-6 -11 करोड़-106

21 -बेसिक शिक्षा विभाग-1 -9 करोड़ -35

22 -व्यावसायिक शिक्षा और कौशल- विकास विभाग-2 -6 करोड़-125

23 -उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण-1 -5 करोड़-30

24 -मत्स्य विभाग-1 -1 करोड़ -20

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button