नई दिल्ली । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से निजी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के साथ सक्रियतापूर्वक जुड़ने को कहा है जिससे कि बढ़ी हुई बेड की उपलब्धता तथा गहन देखभाल स्वास्थ्य सुविधाओं को सुगम बनाया जा सके तथा दी गई सेवाओं के लिए उचित एवं पारदर्शी शुल्क सुनिश्चित किया जा सके। इस संबंध में तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्य पहले ही पहल कर चुके हैं। उन्होंने विवेकपूर्ण दरों एवं कोविड-19 मरीज के दाखिले के लिए गहन देखभाल उपलब्ध कराने की व्यवस्था हेतु निजी क्षेत्र के साथ बातचीत की है और एक सहमति पर पहुंच चुके हैं। राज्यों से निजी क्षेत्र स्वास्थ्य प्रदाताओं के साथ सक्रियतापूर्वक जुड़ने और सार्वजनिक एवं निजी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के संयोजन पर विचार करने को कहा गया है क्योंकि यह कोविड-19 मरीजों को त्वरित, अच्छी गुणवत्ता एवं विवेकपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने में सहायता करेगा।
देश में संक्रमित व्यक्तियों में नोवेल कोरोना वायरस का पता लगाने की परीक्षण क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। देश में अब प्रति दिन 3 लाख नमूनों की जांच करने की क्षमता है। इस प्रकार अभी तक कुल 59,21,069 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान 1,54,935 नमूनों का परीक्षण किया गया है। आज की तारीख तक देश में 907 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क सृजित किया जा चुका है। इसमें सरकारी क्षेत्र के 659 एवं निजी क्षेत्र के 248 प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
दिल्ली में जांच क्षमता बढ़ाने के लिए 11 में से प्रत्येक जिले में अब निर्दिष्ट प्रयोगशालाएं हांेगी जो विशिष्ट रूप से संबंधित जिलों से नमूनों की जांच करेंगी। प्रत्येक जिले से नमूनों को इन प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है जिससे कि समय पर परीक्षण सुनिश्चित हो सके एवं बिना किसी देरी के परिणाम सुनिश्चित किया जा सके। वर्तमान में दिल्ली में 42 प्रयोगशालाएं हैं जिनकी रोजाना की जांच क्षमता लगभग 17000 है।
रियल टाइम आरटी पीसीआर कोविड-19 के निदान के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड फ्रंटलाइन टेस्ट है और देश भर में उपलब्ध 907 प्रयोगशालाओं के साथ इनाक उपयोग परीक्षण क्षमता को सुदृढ़ बनाने के लिए किया जा सकता है। तथापि, इन परीक्षणों के लिए विशिष्ट प्रयोगशाला सुविधाओं की आवश्यकता होती है और इन हाई एंड प्रयोगशालाओं तक नमूनों को पहुंचाने के समय तथा प्रयासों सहित कम से कम 2-5 घंटे लग जाते हैं। पोर्टेबल होने के कारण ट्रूनैट एवं सीबीएनएएटी का उपयोग को दूर दराज के क्षेत्रों में किया जा सकता है और किया जा रहा है।
रैपिड एंटीजेन टेस्ट का उपयोग सख्त चिकित्सकीय पर्यवेक्षण के तहत कंटेनमेंट जोनों एवं अस्पताल संरचनाओं में किया जा सकता है। स्टैंडर्ड क्यू कोविड-19 एजी डिटेक्शन किट परिणाम प्रदर्शित करने में 15 मिनट लेता है और इस प्रकार यह रोग का जल्द पता लगाने में सहायता कर सकता है। एंटीजेन टेस्ट का संचालन नमूना संग्रहण के एक घंटे के भीतर स्वास्थ्य संरचना में नमूना संग्रह के स्थान पर किया जा सकता है। देश में एंटीजेन टेस्ट किट की घरेलू निर्माण क्षमता एक महीने में लगभग 10 मिलियन है। राज्यों द्वारा आसानी से रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट की खरीद को आसानी से सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार सुनिश्चित कर रही है कि घरेलू निर्माता सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर ऑनबोर्ड हो जाएं। एलिसा एवं सीएलआईए एंटीबाडी टेस्ट का उपयोग बिना लक्षण वाले अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, पैरामेडिक्स आदि तथा जो कोविड-19 देखभाल में काम करते हैं, उनके विश्वास को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इन्हें जीईएम पोर्टल पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।



