
मुंबई । महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनाव का परिणाम घोषित किया गया। इस चुनाव में एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। यहां सरपंच के लिए मां-बेटी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरी थीं। लेकिन मां सुवर्णा ने बेटी को 50 वोटों से हरा दिया है। यह वाकया रत्नागिरि की गुहागर तालुका की है।
चुनाव परिणाम के बाद सुवर्णा और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं बेटी प्राजक्ता को निराशा हाथ लगी। जीत के बाद सुवर्णा ने कहा कि मैनें बेटी को कहा था कि वह इस बार चुनाव में नहीं उतरे, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी।
मां सुवर्णा ने कहा कि बेटी और मैं एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। जनसंपर्क के दौरान मैंने कभी किसी ने नहीं कहा कि बेटी प्राजक्ता को वोट नहीं दो। मैं मेरे पैनल को वोट करने के लिए कहती थी। मैं लोगों के लिए दौड़ रही थी और मुझे परिणाम भी मिला। चुनाव में मेरी जीत हुई।
बता दें कि महाराष्ट्र में 7,682 ग्राम पंचायतों के लिए 18 दिसंबर को मतदान हुआ था। मंगलवार 20 दिसंबर को चुनाव का रिजल्ट आया। इसी चुनाव में आरे वाकी पिंपलवाट ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर दो से 70 वर्षीय मां सुवर्णा भोसले और बेटी प्राजक्ता प्रसाद देवकर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में थीं। (वीएनएस)



