
प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित शृंगार गौरी पूजा मामले की सुनवाई आज भी पूरी नहीं हो सकी। सुनवाई बुधवार को भी होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की याचिका की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे जे मुनीर कर रहे हैं।
मंदिर पक्ष के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बहस की तो इनके पुत्र विष्णु जैन कोर्ट में मौजूद थे। इन्होंने औरंगजेब की आलम गीरी किताब का हवाला देते हुए कहा कि उसमें विश्वेश्वर नाथ मंदिर ध्वस्त करने की राजाज्ञा का उल्लेख है। ब्रिटिश लेखक की पुस्तक के हवाले से कहा कि विवादित परिसर में शृंगार गौरी की पूजा होती थी।
जैन ने पुराने मंदिर का नक्शा दिखाते हुए कहा कि स्वयं भू विश्वेश्वर नाथ के चारों तरफ आठ मंडप थे। आज जहां तीन गुंबद है, वह शृंगार गौरी, गणेश व दंड पाणि मंडप है, जिसमें मूर्ति स्थापित थी,जिसे औरंगजेब के फरमान से तोड़ा गया था। बहस जारी है।(हि.स.)



