Varanasi

बिजली कर्मियों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी

वाराणसी । विभिन्न मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी कार्य बहिष्कार किया। संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार में शामिल कर्मचारी भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल-डिस्काम मुख्यालय पर जुटे। धरने में शामिल वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन उनकी बातों को सुनने के बजाय हठवादी रवैया अपनाये हुए है।

शीर्ष प्रबन्धन के रवैये की भर्त्सना कर कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आम जनता को तकलीफ न हो इस दृष्टि से कार्य बहिष्कार के चालू चरण में बिजली कर्मियों को कार्य बहिष्कार आन्दोलन से फिलहाल अलग रखा गया है। हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदेश के उर्जामंत्री से प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की है। जिससे ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण बने और बिजली कर्मियों की न्यायोचित समस्याओं का समाधान हो सके।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शान्तिपूर्ण कार्य बहिष्कार आन्दोलन के कारण किसी भी बिजली कर्मी का कोई उत्पीड़न किया गया तो इसके गम्भीर परिणाम होंगे । सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मी उसी समय हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन और चेयरमैन की होगी। सभा की अध्यक्षता जीउतलाल और एवं संचालन राजेन्द्र सिंह ने किया।

हड़ताली कर्मचारियों की प्रमुख मांगे

बिजली कर्मियों की मुख्य मांग है ऊर्जा निगमों में चेयरमैन व प्रबन्ध निदेशक के पदों पर समुचित चयन के बाद ही नियुक्ति की जाये, बिजली कर्मियों को पूर्व की तरह 09 वर्ष, 14 वर्ष एवं 19 वर्ष की सेवा के उपरान्त पदोन्नति पद का समयबद्ध वेतनमान दिया जाये, बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाये,ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप का निजीकरण एवं पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण के आउटसोर्सिंग के आदर्श निरस्त किये जाये, समस्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाये, बिजली कर्मियों की सुरक्षा हेतु प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाये, बिजली निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लि का गठन किया जाये, भत्तोंका पुनरीक्षण किया जाये एवं उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किया जाये बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा यथावत रखी जाये आदि है।

धरना में ये रहे शामिल

धरना सभा में ज्योति सिंह,रेणु मौर्य,संजना सागर, ई0 अमित श्रीवास्तव,तपन चटर्जी,ई.सुनील कुमार,राजेश सिंह,ई मदन गोपाल श्रीवास्तव, मदनलाल श्रीवास्तव, ई मनोज कुमार,सोहनलाल,पंकज यादव,रामजी भारद्वाज, रामकुमार झा आदि ने भी विचार रखा। सभा में हड़ताली बिजली कर्मियों ने दावा किया कि धरना के कारण पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के 21 जिलों में 50 से 55 करोड़ रुपए की वसूली नहीं हो सकी है।(हि.स.)

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