
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के न्यायालयों में बुनियादी ढांचे और लंबित केसों के मामले पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि हर कोई गुजरात से प्रभावित है। हमने व्यक्तिगत रूप से इस पर ध्यान दिया है।जस्टिस शाह ने यह बात तब कही जब उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वकील गरिमा प्रसाद ने बताया कि न्यायिक ढांचे में सुधार के लिए हम गुजरात मॉडल को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। गरिमा प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार के अधिकारियों की एक टीम ने अहमदाबाद, वडोदरा आदि जगहों में अदालतों का दौरा किया, जहां पर अदालतों में दी गई बुनियादी सुविधाओं से वो प्रभावित भी हुए।
इससे पहले कोर्ट ने इन मुद्दों पर चर्चा के लिए राज्य सरकार और इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के बीच बैठक करने का निर्देश भी दिया था। सुनवाई के दौरान गरिमा प्रसाद ने कहा कि न्यायिक सुविधाओं के लिए पहले उत्तर प्रदेश के दस जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इन दस जिलों में पांच नवगठित जिले शामिल हैं। कुछ दूसरे बड़े शहरों में करीब बीस निर्माण योजनाओं का काम प्रगति पर है। इस पर जस्टिस शाह ने कहा कि वे चाहते हैं कि यूपी के 75 जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ के साथ न्यायालयों के भवन हों।(हि.स.)



