
अहमदाबाद (गुजरात)। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मोरबी झूला पुल हादसे में स्थानीय लोगों की मदद से 150 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है । रविवार शाम नदी में पुल गिरने के बाद आसपास मौजूद लोग जान की परवाह किए बगैर राहत और बचाव कार्य में जुट गए। इनमें बजरंग दल के कार्यकर्ताओं समेत आसपास के दुकानदार, पूर्व विधायक कांति अमृतिया आदि शामिल हैं। प्रशासनिक अमला के पहुंचने से पहले दर्जनों लोगों को बचा लिया गया।
प्रशासन की टीम हादसे के 15 मिनट के अंदर पहुंची। लोगों को निकालकर घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार देखकर अस्पताल पहुंचाया गया। इस तत्परता से भी कई लोगों की जान बची। राहत और बचाव कार्य में जुटे बजरंग दल के कार्यकर्ता चिराग परमार का कहना है कि मंजर बहुत भयावह था। नदी में डूब रहे लोग हाथ-पांव मार कर छटपटा रहे थे। किसी तरह बचने का उपाय खोज रहे थे। बच्चे अपने बड़ों के सहारे बचने की कोशिश कर रहे थे। बड़े लोग टूटे पुल के निकट आकर किसी तरह उसके हिस्से को पकड़ने को जी-जान से कोशिश कर रहे थे। चिराग ने बताया कि स्थानीय तैराकों की मदद से उन्होंने नदी के पानी से लोगों को निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से करीब 150 लोगों को बचाया लिया गया।
मोरबी हादसा : एक ही परिवार के 8 सदस्य थे झूलते पुल पर
मोरबी के मच्छु नदी पर झूलते पुल (केबल ब्रिज) हादसे में कई परिवार बिखर चुके हैं। छोटे-छोटे बच्चे बिलख रहे हैं, उनके आसपास सामाजिक संस्था के लोग उनकी देखभाल कर रहे हैं। अस्पतालों में परिजनों की भीड़ उमड़ी है। सभी अपनों की खैर-खबर जुटाने में भाग-दौड़ कर रहे हैं। रविवार होने की वजह से पूरे परिवार के साथ घूमने वालों के लिए यह हादसा काल बनकर आया। कई परिवार हादसे में उजड़ चुके हैं। हादसे में मृतकों के आंकड़े अलग-अलग आ रहे है, इसकी वजह नदी में 15 फीट से अधिक पानी होना बताया जा रहा है। घटना में कई शव के इधर-उधर बहने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे में आरीफशा नूरशा शहमदार के परिवार के 8 सदस्य झूलते पुल पर छुट्टियों का लुत्फ उठाने गए थे। इनमें से इनकी पत्नी और 8 वर्ष के पुत्र का शव मिलने के बाद परिवार पर आफत टूट पड़ा है। इनकी बेटी समेत चार अन्य सदस्यों का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। हृदय विदारक घटना से इनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। आरीफशा मजदूरी करते हैं। उनकी बहन जामनगर से आईं थी, जिसके बाद परिवार के 8 सदस्य मोरबी झूलते पुल पर घूमने गए थे। उनकी पत्नी, बेटी, बेटा और भाभी, भतीजा, बहन, बहन की बेटी-बेटा सभी साथ गए थे। हादसे के बाद उनकी पत्नी और बेटे का शव मिला है। बेटी समेत चार अन्य लोग की खोजबीन की जा रही है। 8 में से सिर्फ भाभी जीवित मिली, जिनके हाथ में फ्रैक्चर है। इधर, मोरबी सिविल अस्पताल में लोगों की भीड़ बढती जा रही है। घायलों के साथ उनके परिजनों के आक्रंदन से चारों और कोलाहल मचा है।
मोरबी हादसा : 30 हजार किलो वजन से झुका झूलता पुल
मोरबी के झूलते पुल को झुकाने में क्षमता से अधिक लोगों का प्रवेश देना माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 100 के बजाय करीब 500 लोग हादसे के वक्त ब्रिज पर मौजूद थे। ब्रिज को झूला के समान झुलाने की कोशिश से ब्रिज में अत्यधिक कंपन होने से यह वजन बर्दाश्त नहीं कर पाया और दो भाग में विभक्त हो गया।राज्य के सड़क और भवन निर्माण मंत्री जगदीश पंचाल ने बताया कि ब्रिज नगर पालिका के अधीन है। इस पर 100 से अधिक लोगों की मौजूदगी के कारण इसका टूटना प्रतीत हो रहा है। ब्रिज पर 400 से 500 लोगों को टिकट लेकर प्रवेश दिया गया था। बताया गया कि टिकट की दर 20 रुपए थे। अधिक रुपए के लालच में संचालकों ने ब्रिज पर क्षमता से अधिक लोगों को जाने दिया। एक व्यक्ति का औसत वजन यदि 60 किलो भी माना जाए तो ब्रिज पर करीब 400 से 500 लोगों के हिसाब से यह 30 हजार किलो यानी 30 टन हो जाता है। इसकी वजह से यह ब्रिज धराशायी हो गया।
मोरबी के मच्छु नदी पर झूलते पुल का पांच दिन पहले ही मरम्मत के बाद आम जनता के लिए खोला गया था। ऐतिहासिक महत्व के कारण झूलते पुल का संरक्षण के साथ बेहतर रखरखाव के लिए ओरेवा ट्रस्ट बनाकर इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ट्रस्ट को आगामी 15 साल तक पुल की देखरेख और मरम्मत का कार्य दिया गया था। ट्रस्ट ने एक निजी कंपनी को मरम्मत कार्य के लिए दिया था। यह पुल आजादी के पहले का है, जो करीब 140 साल पुराना है। इस ब्रिज को यूरोपियन शैली का बेहतर स्थापत्य कला का नमूना भी माना जाता है। लंदन की महारानी विक्टोरिया ने नाइट कमांड ऑफ दी स्टेट ऑफ इंडिया का खिताब जिन्हे दिया था, उन मोरबी के महराजा वाघजी ठाकोर ने इसे बनवाया था। इस पुल की लंबाई 765 फीट और चौड़ाई 4.6 फीट है। वर्ष 1887 में इसका निर्माण किया गया था। इसकी ऊंचाई जमीन से करीब 60 फीट है। यह पुल मच्छु नदी पर दरबारगढ पैलेस और लाखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज को जोड़ता है।
मोरबी हादसा: तीनों सेनाओं ने संभाला मोर्चा, गरुड़ कमांडो भी बचाव अभियान में जुटे
गुजरात के मोरबी में मिच्छू नदी पर झूलता पुल टूटने के बाद तीनों सेनाओं ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। वायु सेना के गरुड़ कमांडो भी बचाव अभियान में जुट गए हैं। सी-295 परिवहन विमान के प्लांट की वडोदरा में रविवार को आधार शिला रखने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में ही हैं। उन्होंने इस हादसे के कारण सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला रोडशो निरस्त कर दिया है।रक्षा अधिकारियों के अनुसार मोरबी में भारतीय नौसेना के 50 जवानों, वायुसेना के 30 जवानों, सेना के दो कॉलम जवानों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। वायु सेना के गरुड़ कमांडो भी बचाव अभियान में जुटे हैं। भारतीय सेना की एक आर्टिलरी ब्रिगेड टीम को ध्रांगधरा के पास से मौके पर भेजा गया है। इस टीम में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल है। यह टीम मोरबी में दुर्घटना स्थल पर पहुंच चुकी हैं और बचाव और राहत कार्यों में हिस्सा ले रही है।
रक्षा अधिकारी के मुताबिक डॉक्टरों और अन्य राहत सामग्री के साथ सेना की एक और टीम शीघ्र ही घटनास्थल पर पहुंच रही है। एनडीआरएफ टीम के साथ वायुसेना का विमान राहत कार्यों के लिए रवाना हो गया है। एक घंटे में दूसरा विमान भेजा जाएगा। जामनगर और आसपास के अन्य स्थानों में बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टरों को तैयार रखा गया है।रक्षा अधिकारी ने बताया कि भुज और अन्य स्थानों से मोरबी के लिए गरुड़ कमांडो भी भेजे गए हैं, जिन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। रक्षा अधिकारी के अनुसार गुजरात के जामनगर में भारतीय नौसेना स्टेशन वलसुरा ने बचाव अभियान के लिए 40 से अधिक कर्मियों की एक टीम भेजी है, जिसमें समुद्री कमांडो और नाविक शामिल हैं जो अच्छे तैराक हैं। यह समुद्री कमांडो और नाविक मच्छू नदी में डूबे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ही दोपहर में तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे थे। उन्होंने वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन बनाने के लिए वडोदरा में प्लांट की आधार शिला रखी थी। सोमवार को एक कार्यक्रम के तहत अहमदाबाद में उन्हें रोडशो निकालना था, लेकिन मोरबी हादसे के बाद यह रोडशो निरस्त कर दिया है।
हादसे में राजकोट सांसद मोहन कुंडारिया की बहन के परिवार के 12 सदस्यों की मौत
हादसे में राजकोट के सांसद मोहन कुंडारिया की बहन के परिवार के 12 सदस्यों की मौत हो गई। सांसद कुंडारिया पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। राजकोट रेंज के आईजी अशोक यादव ने 141 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।सांसद मोहन कुंडारिया की बहन की जेठानी के परिवार के लोग, चार बेटी, चार दामाद और संतान की मौत हुई है। एक ही परिवार के 12 सदस्यों की मौत हुई है। मोरबी में झूला पुल के टूटने के बाद सोमवार सुबह तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति सहित तमाम नेताओं ने मोरबी हादसे पर जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित तमाम नेताओं ने रविवार को गुजरात के मोरबी में केबल ब्रिज हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ट्वीट संदेश में कहा, “गुजरात के मोरबी में हुई त्रासदी ने मुझे चिंतित कर दिया है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं। राहत और बचाव के प्रयासों से पीड़ितों को राहत मिलेगी।”
उपराष्ट्रपति ने ट्वीट संदेश में कहा, “गुजरात के मोरबी में दुखद घटना के बारे में सुनकर व्यथित हूं। मैं सभी के सुरक्षित बचाव और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।”
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, “मोरबी में हुए हादसे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने की मांग की है। उन्होंने स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है।”
पीएमओ ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने मोरबी में हादसे में जान गंवाने वालों में से प्रत्येक के परिजनों के लिए पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट में कहा, “मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूँ। इस विषय में मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी व अन्य अधिकारियों से बात की है। स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है, एनडीआरएफ भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुँच रही है। प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार देने के निर्देश दिए हैं।”
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, “गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर केबल पुल टूटने से हुए हादसे का समाचार अत्यंत दुःखद है। गुजरात सरकार और प्रशासन ने घटना का त्वरित संज्ञान लेते हुए, राहत व बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, “गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे की खबर बेहद दुःखद है। ऐसे मुश्किल समय में मैं सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की हर संभव सहायता करें और लापता लोगों की तलाश में मदद करें।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट संदेश में कहा, “गुजरात से बेहद दुःखद खबर मिल रही है। मोरबी में ब्रिज टूट जाने से कई लोगों के नदी में गिर जाने की खबर है। भगवान से उनकी जान और स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”



