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78 साल के हसनुराम 97 बार हार चुके चुनाव, फिर भी कायम है जज्बा

आगरा । खेरागढ़ ब्लॉक के गांव नगला दुल्हे खां निवासी हसनुराम अम्बेडकरी 1985 से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने विधानसभा, लोकसभा, एमएलसी से लेकर नगर पंचायत, पार्षद तक का चुनाव लड़ा। 97 बार चुनाव हार चुके हैं, लेकिन चुनाव लड़ने का जज्बा आज भी कायम है। उत्तरप्रदेश में निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। हसनुराम अम्बेडकरी धोतीकुर्ता पहन साइकिल से नामांकन खरीदने पहुंचे। खेरागढ़ तहसील पर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम अनिल कुमार सिंह से नामांकन पत्र खरीदा। हसनुराम ने खेरागढ़ तहसील पर नगर पंचायत खेरागड़ के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है।

अनोखा कीर्तमान बनाना चाहते हैं हसनुराम

सभी चुनाव हार कर चुनाव हार का अनोखा कीर्तिमान बनाने में जुटे हसनुराम अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी साधन के मोहताज नहीं हैं। वह अपनी साइकिल से ही चुनाव प्रचार के लिए निकल जाते हैं। उन्होंने बताया आज तक चुनाव प्रचार में एक रुपया भी खर्च नहीं किया है।हसनुराम ने बताया कि वे तहसील में अमीन थे। उनकी चुनाव लड़ने की इच्छा हुई तो उन्होंने एक पार्टी से टिकट मांगा। टिकट तो मिला नहीं, वहां उनका मजाक उड़ाया गया कि घर से भी कोई वोट नहीं देगा। इसके बाद वे 1985 से चुनाव तैयारियों में जुट गए और हर चुनाव को लड़ते आ रहे हैं। इतना ही नहीं हसनुराम ने राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन किया था, लेकिन पर्चा निरस्त हो गया था।

हसनुराम का गांव नगला दूल्हा खां में दो कमरों का मकान है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। गांव में ही मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके बेटे दूर शहर में मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।(वीएनएस)

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