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लखनऊ में रिहायशी इमारत गिरी, मलबे से 12 लोग सुरक्षित निकाले गये

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में मंगलवार शाम एक रिहायशी इमारत ढह गयी। इस हादसे में मलबे में दबे 12 लोगों काे सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस ने हादसे में अब तक किसी भी जनहानि से इंकार किया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

लखनऊ में रिहायशी इमारत गिरी, मलबे से 12 लोग सुरक्षित निकाले गये
लखनऊ में रिहायशी इमारत गिरी, मलबे से 12 लोग सुरक्षित निकाले गये

पुलिस सूत्रों के अनुसार वजीर हसन रोड पर यह हादसा उस समय हुआ जब एक चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ गिर गया। राहत और बचाव कार्य में सेना को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद के लिये बुलाया गया। मलबे से अब तक करीब 12 जीवित लाेगों को निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी को मामूली चोटें आयी हैं जिनका उपचार किया जा रहा है।पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने बताया है कि लखनऊ के वजीर हसन मार्ग में एक इमारत गिरी है जिसके मलबे में दबे 12 लोगों को बचाया जा चुका है। मलबे में अभी कुछ और लोगों के फंसे रहने का अनुमान हैं।

लखनऊ में रिहायशी इमारत गिरी, मलबे से 12 लोग सुरक्षित निकाले गये

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने दुर्घटना स्थल को तीन जगहों से तोड़ दिया है जहां से बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं। मलबे को हटाने में पूरी एहतियात बरती जा रही है ताकि सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।उन्होने कहा कि हादसे में किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुयी है। राहत दल सभी को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत एवं बचाव कार्य में पैनी नजर बनाये हुये हैं। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को उचित इलाज के लिए तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए।

उन्होने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य में तेजी के साथ एहतियात बरतने के निर्देश दिये है।इस बीच प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी मौके पर डटे हुये हैं। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्यो का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे।हादसे के कारणो का पता नहीं चल सका है।

बिल्डिंग के आसपास रहने वालों के अनुसार इमारत के बेसमेंट में कोई मरम्मत का काम चल रहा था क्योंकि ड्रिल मशीन की आवाज सुनायी दे रही थीं जबकि कुछ का कहना है कि दस से 15 साल पुरानी इमारत में भूकंप के झटकों के कारण दरारें पड़ गयी थी जिनको नजरअंदाज करना हादसे का सबब बना।(वार्ता)

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