Education

तकनीकी शिक्षा व छात्रों के लिए वित्तीय मदद को बेहतर बनाने का काम शुरू

नयी दिल्ली : देश में छात्रों को आर्थिक मदद देने वाली प्रमुख कंपनी कुहू एडुफिनटेक और शिक्षा में बदलाव लाने के लिए मशहूर डब्ल्यूओजी एजुकेशन ने एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाना और छात्रों को नए शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।कुहू एडुफिनटेक और डब्ल्यूओजी एजुकेशन के बीच हुई इस साझेदारी का मकसद सभी छात्रों को ज्यादा अवसर प्रदान करना और समाज पर सकारात्मक असर डालना है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर प्रदान करके उनकी जिंदगी में सुधार लाना है। यह खासकर उन छात्रों के लिए है जो अपनी शिक्षा और कौशल को बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक दिक्कतों के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

इस साझेदारी के जरिए छात्र अब फुल साइकिल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फुल स्टैक डेवलपमेंट, और एआई मशीन लर्निंग जैसे डब्ल्यूओजी के विश्व स्तरीय कार्यक्रमों तक पहुंच सकते हैं। इसमें कुहू एडुफिनटेक छात्रों को ऋण देने वाला आधिकारिक भागीदार होगा।इस करार पर टिप्पणी करते हुए, कुहू एडुफिनटेक के संस्थापक प्रशांत ए. भोंसले ने कहा, “डब्ल्यूओजी एजुकेशन के साथ हमारा सहयोग हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सभी प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने की दिशा में है। डब्ल्यूओजी के अत्याधुनिक शैक्षिक कार्यक्रमों के साथ हमारे अनूठे वित्तीय समाधान जोड़कर, हम सिर्फ शिक्षा को वित्तपोषित नहीं कर रहे हैं, बल्कि भारत के तकनीकी कार्यबल के भविष्य में भी निवेश कर रहे हैं। यह साझेदारी मध्यम वर्ग के परिवारों को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वित्तीय बाधाएं कभी भी किसी छात्र की संभावनाओं में बाधा न बनें।

”वर्ष 2021 में शुरू हुआ कुहू एडुफिनटेक एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो छात्रों को ऑनलाइन लोन प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है। ये प्रोडक्ट पारंपरिक बैंक शाखाओं या माता-पिता की आय पर निर्भर नहीं होते। प्रशांत के पास बैंकिंग, छात्र ऋण, फार्मा इंडस्ट्री और स्टार्टअप इकोसिस्टम में लगभग 30 साल का अनुभव है। अपने इस लंबे अनुभव के कारण प्रशांत को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों की गहरी समझ है। कुहू के लिए उनका विज़न इस विचार से आया कि किसी भी प्रतिभाशाली भारतीय छात्र को आर्थिक चुनौतियों के कारण अपनी शिक्षा और कौशल के सपनों को नहीं छोड़ना चाहिए। कुहू के माध्यम से, प्रशांत का लक्ष्य प्रतिभाशाली छात्रों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है। कंपनी आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आसानी से वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाती है, जिनमें से कई मध्यवर्गीय भारतीय परिवारों से आते हैं।

सिलिकॉन वैली की गॉडमदर एस्तेर वोज्स्की के नेतृत्व में डब्ल्यूओजी एजुकेशन ने अपने खास तरीकों से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। उनकी ट्रिक पद्धति – ट्रस्ट (विश्वास), रिस्पेक्ट (सम्मान), इंडिपेंडेंस (स्वतंत्रता), कोलैबोरेशन (सहयोग), और काइंडनेस (दया) पर आधारित तरीके ने हजारों छात्रों के लिए शिक्षा के मायने बदल दिए हैं। इस पद्धति ने सहयोग, नवाचार, और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया है।वास्तविक दुनिया की प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा: छात्रों को उद्योग की चुनौतियों से निपटने वाली वास्तविक दुनिया की परियोजनाओं पर काम करके व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।व्यापक तकनीकी पोर्टफोलियो: इस कार्यक्रम से छात्रों को 100,000 से अधिक कोड लाइनों के साथ एक मजबूत तकनीकी पोर्टफोलियो बनाने में मदद मिलेगी, जिसे अमेरिका के कार्य अनुभव के बराबर माना जाएगा। साथ ही हैकर अंक व लिंकेडिन जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल को बढ़ाने का मौका मिलेगा।

एक्सक्लूसिव हायरिंग पार्टनरशिप: छात्रों को डब्ल्यूओजी की गूगल जैसी बड़ी कंपनियों और डेलॉयट और एक्सेंचर जैसी कंपनियों के हायरिंग पार्टनरशिप का लाभ मिलेगा।ग्लोबल एक्सपोजर: छात्रों को स्टैनफोर्ड जैसे शीर्ष संस्थानों के स्नातकों के साथ खड़े होकर सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।भारत तकनीकी क्रांति के मुहाने पर खड़ा है और इस समय कुहू एडुफिनटेक तथा डब्ल्यूओजी एजुकेशन की साझेदारी एक बड़ा बदलाव लाने वाली है। यह साझेदारी लागत और पहुंच की पारंपरिक बाधाओं को तोड़कर, भारत के युवाओं की अपार क्षमता को उजागर करने और तकनीकी नवोन्मेषकों, लीडरों और समस्या-समाधानकर्ताओं की एक नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने का वादा करती है। जब ये कुशल छात्र कार्यबल का हिस्सा बनेंगे, तो वे न केवल वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करेंगे बल्कि पूरे देश में सामाजिक-आर्थिक प्रगति को भी आगे बढ़ाएंगे। (वार्ता)

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