
वाराणसी। फ्लैट रेट बिजली मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश बुनकर सभा और विभिन्न बुनकर संगठनों की हड़ताल आज भी जारी रही। बुनकरों का कहना था कि तीन सितंबर की वार्ता में तय मुद्दों पर आदेश न जारी करने के कारण शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने 2006 से चली आ रही किसानों की भांति बिजली सब्सिडी व्यवस्था को दिसंबर 2019 के बजाय जुलाई 2020 तक बढ़ाने का शासनादेश तो जारी कर दिया। जबकि बुनकर प्रतिनिधयों से वार्ता में तय पूर्व की भांति फ्लैट रेट की घोषणा नहीं की।उचित मूल्य बृद्धि के साथ बहाली, बुनकरों के बिल के त्रुटिपूर्ण बकाये को समाप्त करने, बुनकरों पर किये गए मुक़दमे वापस लेने और अगस्त से प्रस्तावित यूनिट आधारित मूल्य के बजाय न्यायोचित बढ़ोतरी के साथ फ्लैट रेट को ही जारी रखने पर हुई सहमति से संबंधित कोई आदेश जारी न किये जाने से बुनकरों में रोष है। सभी तय मुद्दों पर शासनादेश आने तक हड़ताल जारी रखने की बात की। इस संबंध में वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के अध्यक्ष राकेशकान्त राय ने बताया कि तीन सितंबर की वार्ता में अन्य बातों के साथ ही तय हुआ था कि यूनिट आधारित मूल्य के बजाय फ्लैट रेट में उचित बढ़ोतरी के साथ बुनकर संगठनों से विचार विमर्श के बाद 15 दिन में नया प्रस्ताव बनाकर आदेश जारी कर दिया जाएगा। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी इस दिशा में कोई आदेश जारी न होने से बुनकरों में आक्रोश है। ये तो फाइनल है कि बिजली दर बढ़ेगी लेकिन अंतिम निर्णय न आने से बुनकर अपनी साड़ियों की सही लागत का निर्धारण कर पाने में असमर्थ है। पुराने रेट से ही माल बेचने पर मजबूर हैं। इसलिए निर्णय लिया गया है कि हड़ताल जारी रहेगी। बुनकरों के रेट को लगभग बीस गुना तक बढ़ा दिया गया है। किसानों की तरह न्यायोचित वृद्धि के साथ फ्लैट रेट जारी करने का आदेश जबतक जारी नही होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



