यूपी में 60+ महिलाओं के लिए रोडवेज सफर मुफ्त, 250 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए रोडवेज की सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। पात्र महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे और इस योजना पर हर महीने 22.55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैबिनेट ने 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि स्वीकृत होगी। इससे सार्वजनिक परिवहन, प्रदूषण नियंत्रण और प्रमुख धार्मिक-पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण और उन्हें बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने लोक कल्याण संकल्प-2022 के तहत ‘सशक्त नारी’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सामान्य बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। यह फैसला वरिष्ठ महिलाओं को आर्थिक राहत देने के साथ ही उन्हें आवागमन में अधिक स्वतंत्रता और सुविधा देने वाला कदम साबित होगा।
योगी सरकार के इस फैसले का लाभ बड़ी संख्या में महिला यात्रियों को मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन करीब 88,438 महिला यात्रियों द्वारा इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। इससे महिलाओं को प्रतिदिन आने-जाने के खर्च में राहत मिलेगी। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र की उन महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन अधिक सुलभ होगा, जिन्हें नियमित रूप से विभिन्न कार्यों के लिए यात्रा करनी पड़ती है।
निगम की ओर से जारी होंगे विशेष स्मार्ट कार्ड
इस योजना के तहत निशुल्क यात्रा सुविधा को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड के माध्यम से पात्र महिला यात्रियों की पहचान और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को सुगम बनाया जा सकेगा।
22 करोड़ से ज्यादा हर महीने होंगे खर्च
इस सुविधा के तहत सरकार पर हर महीने 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। योगी सरकार ने इस फैसले के जरिए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता के रूप में दर्शाया है। ‘सशक्त नारी’ के संकल्प को अब परिवहन सेवाओं से भी जोड़ दिया गया है।
250 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा रोडवेज का बेड़ा
योगी कैबिनेट ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी अहम फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रस्तावित है। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की प्रावधानित धनराशि को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है।
प्रस्ताव के तहत 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें खरीदी जाएंगी। इन 250 बसों की कुल खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय संभावित है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली 400 करोड़ रुपये की धनराशि के अतिरिक्त करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।
प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना भी है। सीपीक्यूएम के निर्देशों के अनुसार 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले सार्वजनिक परिवहन को इन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगा।
नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए परिवहन सेवाओं को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के अनुकूल यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आम यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प देंगी।
लोगों को कई स्तर पर मिलेगा रोजगार
इसके साथ ही बस बेड़े के विस्तार से चालकों, परिचालकों और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल-अकुशल कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। बसों की संख्या में वृद्धि से ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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