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पंजाब सरकार ने राज्य में विस्तृत दवा पार्क का विकास करने में मदद देने में रुचि दिखाई

फार्मास्युटिकल विभाग तीन विस्तृत दवा पार्कों और चार चिकित्सा उपकरण पार्कों के लिए जगहों के चयन पर दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है: गौड़ा

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने बताया है कि फार्मास्युटिकल विभाग ऐसे दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है जो देश में आगामी तीन विस्तृत दवा पार्कों और चार चिकित्सा उपकरण पार्कों के लिए तटस्थ भाव से जगह चयन करने के लिए आधार तैयार करेगा। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने आज नई दिल्ली में  डी.वी. सदानंद गौड़ा से मुलाकात की और उन्हें प्रस्तावित विस्तृत दवा पार्क की स्थापना पंजाब राज्य के बठिंडा में करने के संबंध में विचार करने के लिए अनुरोध पत्र सौंपा। श्री गौड़ा ने दवा पार्कों के विकास में मदद का हाथ बढ़ाने में रुचि दिखाने के लिए श्री बादल को धन्यवाद दिया।

श्री सिंह बादल ने इस अवसर पर कहा कि बठिंडा में अच्छी कनेक्टिविटी, पानी और भूमि की उपलब्धता है और राज्य में पहले से ही यूएसएफडीए द्वारा स्वीकृत कुछ बड़ी दवा कंपनियों और एनआईपीईआर,आईआईएसईआर,एम्स जैसे फार्मा संस्थानों की मौजूदगी है।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण एपीआई/ केएसएम और चिकित्सा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 12 मार्च,2020 को तीन विस्तृत दवा पार्कों और चार चिकित्सा उपकरण पार्कों के विकास के लिए एक योजना को मंजूरी दे दी है,जिसमें भारत सरकार राज्य सरकारों को एक विस्तृत दवा पार्क की स्थापना के लिए अधिकतम 1000 करोड़ रुपये और एक चिकित्सा उपकरण पार्क की स्थापना के लिए अधिकतम 100 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। इसके अलावा,भारत सरकार ने देश भर में महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामग्री / ड्रग इंटरमीडिएट्स एवं एपीआई और चिकित्सा उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की है। इन योजनाओं पर लगभग 13,760 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। विस्तृत दवा पार्क को बढ़ावा देने की योजना से लगभग 46,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त थोक दवाओं का उत्पादन होगा और चिकित्सा उपकरण पार्क की योजना से लगभग 68,437 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन बढ़ेगा। इन योजनाओं के परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसरों का सृजन भी होगा।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने उर्वरकों के हितधारकों के साथ बैठक की

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उर्वरक क्षेत्र के हितधारकों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उर्वरक इकाइयों की दक्षता को बढ़ाने और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के मुद्दे का समाधान करने के लिए सुधार प्रक्रिया की शुरूआत करना आवश्यक है। चिंतन शिविर के उप समूह की यह दूसरी बैठक थी। चिंतन शिविर के इस उप समूह का उद्देश्य, उर्वरक क्षेत्र के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है ।

इस बैठक में सचिव (उर्वरक), सचिव (कृषि एवं किसान कल्याण), अपर सचिव (उर्वरक), नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, ओडिशा और केरल राज्य सरकार के अधिकारी, भारत के उर्वरक संघ और उर्वरक उद्योग जैसे इफको, केआरआईबीएचसीओ, एनएफएल, आरसीएफ, जीएनएफसी के अधिकारी और कुछ प्रगतिशील किसान भी उपस्थित हुए। बैठक के दौरान सभी प्रतिभागियों ने इस क्षेत्र के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के विभिन्न पहलुओं पर अपने-अपने विचारों को साझा किया।  इस दौरान मिले सुझाव उर्वरक क्षेत्र में आवश्यक सुधारों को अपनाने में उपयोगी साबित होंगे, जिससे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने वाले दृष्टिकोण को हासिल किया जा सकेगा

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