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ताइवान हमारा अंग व इस पर बल प्रयोग का अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगे: चीन

बीजिंग : चीन ने कहा है कि ताइवान उसका अभिन्न अंग और इससे संबंधित मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का हर संभव प्रयास करेगा लेकिन जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने के अधिकार को वह कभी भी नहीं छोड़ेगा।राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को एक प्रमुख पार्टी बैठक के उद्घाटन के अवसर पर कहा,“ताइवान के मुद्दे को हल करना चीनी लोगों पर निर्भर है और चीन बल प्रयोग के अधिकार को कभी नहीं त्याग करेगा, लेकिन शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करेगा।”

ताइवान, जिसे चीन अपने क्षेत्र के रूप में देखता है, ने जवाब दिया कि वह अपनी संप्रभुता से पीछे नहीं हटेगा या स्वतंत्रता और लोकतंत्र से समझौता नहीं करेगा।अमेरिका की संसद की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की अगस्त में ताइवान की यात्रा के बाद चीन और ताइवान के बीच तनाव नाटकीय रूप से बढ़ गया। चीन ने ताइवान के पास युद्ध के खेल का मंचन किया था।

ताइवान समस्या समाधान के लिए चीन समग्र नीति लागू करेगा: शी

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ताइवान की समस्या का समाधान समग्र नीति को लागू कर करते हुए राष्ट्रीय एकीकरण के उद्देश्य को आगे बढ़ाएगी।श्री शी ने आज यहां 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा, “ताइवान का समाधान चीन के लोगों का मामला है इसे यहां के लोगों के द्वारा ही सुलझाया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हम सबसे बड़ी ईमानदारी और अत्यधिक प्रयास के साथ शांतिपूर्ण पुनर्मिलन के लिए प्रयास करना जारी रखेंगे, लेकिन हम बल के उपयोग को छोड़ने का वादा कभी नहीं करेंगे और हम सभी आवश्यक उपाय करने का विकल्प सुरक्षित रखते हैं। यह पूरी तरह से बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप पर निर्देशित है और कुछ अलगाववादी ‘ताइवान की स्वतंत्रता’ और उनकी अलगाववादी गतिविधियों की मांग कर रहे हैं। यह किसी भी तरह से हमारे ताइवान के हमवतन को लक्षित नहीं है।”उन्होंने कहा कि इतिहास का पहिया चीन के एकीकरण और राष्ट्र के कायाकल्प की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “हमारे देश के पूर्ण एकीकरण को महसूस किया जाना चाहिए और इसे बिना किसी संदेह के महसूस किया जा सकता है।”उन्होंने कहा कि हमने ताइवान के अपने हमवतन लोगों के लिए हमेशा सम्मान और देखभाल दिखाई है तथा उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए काम किया है। हम जलडमरूमध्य में आर्थिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना जारी रखेंगे।(वार्ता)

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