ओमान के सुल्तान ने मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑडर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया
भारत और ओमान ने आर्थिक, कृषि और समुद्री क्षेत्र में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए
मस्कट : ओमान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया है। ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद ने गुरुवार को मस्कट में प्रधानमंत्री मोदी को इस सम्मान से नवाजा।श्री मोदी दो दिन की यात्रा पर ओमान गए हुए हैं। इससे पहले श्री मोदी को इथियोपिया ने भी अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा था।
श्री मोदी और सुल्तान अल सईद की मौजूदगी में भारत और ओमान ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर भी किए।प्रधानमंत्री ने इस समझौते को भारत-ओमान के साझा भविष्य का ब्लूप्रिंट बताते हुए ज़ोर देकर कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में नई ऊर्जा आयेगी और परस्पर विकास, नवाचार और रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।
भारत और ओमान ने आर्थिक, कृषि और समुद्री क्षेत्र में छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओमान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते सहित समुद्री विरासत , कृषि, उच्च शिक्षा , कृषि खाद्य नवाचार और समुद्री सहयोग जैसे छह समझौता तथा समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये। इन समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद की मौजूदगी में गुरुवार को यहां हस्ताक्षर किये गये।
पहले समझौते व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का उद्देश्य आर्थिक और वाणिज्यक सहयोग को मजबूत करना और आगे बढ़ाना, व्यापार बाधाओं को कम करके और एक स्थिर ढांचा बनाकर दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों में अवसरों को खोलना, आर्थिक विकास को बढ़ाना, रोज़गार के अवसर पैदा करना और दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ावा देना है।
ओमान के सुल्तान से मिले मोदी, रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की
ओमान की दो दिन की यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय बैठक की और भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने रॉयल पैलेस में आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की। उन्होंने भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और द्विपक्षीय संबंधों में लगातार हो रही वृद्धि की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-ओमान संबंधों के लिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष के अवसर को मना रहे हैं। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया और कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी को जोरदार तरीके से बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय व्यापार के 10 अरब डॉलर से अधिक होने और दो-तरफ़ा निवेश प्रवाह में प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए ज़ोर देकर कहा कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा, रोज़गार पैदा करेगा और दोनों देशों में अवसरों के द्वार खोलेगा।नेताओं ने दीर्घकालिक ऊर्जा व्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा उद्यमों , हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा सहयोग को नई गति देने पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने ओमान के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने की सराहना की और उन्हें आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।(वार्ता)
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