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विधेयक की प्रति फाड़ना लोकतंत्र को कलंकित करना: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीबी-जी-राम-जी विधेयक की प्रति संसद में फाड़े जाने पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह आचरण संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है और लोकतंत्र को कलंकित करता है। विपक्ष ने बहस से भागकर हंगामे का रास्ता अपनाया।

  • भाजपा मुख्यालय में बोले ग्रामीण विकास मंत्री- कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का आचरण भीड़तंत्र व गुंडातंत्र का प्रतीक

नयी दिल्ली । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लोकसभा में विकसित भारत: रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी-राम-जी विधेयक की प्रति फाड़े जाने की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सांसदों पर लोकतंत्र को कलंकित करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर इस प्रकार का आचरण न केवल संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि यह देश की जनता की भावनाओं का भी अपमान है।

यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि लोकसभा में विपक्षी सांसदों का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक रहा। उन्होंने कहा कि संसद बहस, तर्क और लोकतांत्रिक संवाद का मंच है, न कि कागज फाड़ने और हंगामा करने का। विपक्ष ने अपने आचरण से लोकतंत्र को भीड़तंत्र और गुंडातंत्र में बदलने का प्रयास किया है।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सरकार संसद में गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका की गारंटी देने वाला ऐतिहासिक विधेयक लाई थी, लेकिन विपक्ष ने चर्चा से भागते हुए अव्यवस्था फैलाने का रास्ता चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास न तो तर्क हैं और न ही जनता के हित में कोई ठोस दृष्टिकोण, इसलिए वे हंगामे और अवरोध की राजनीति कर रहे हैं।

श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं में विश्वास करती है तथा विपक्ष के विरोध के बावजूद विकास और जनकल्याण के एजेंडे से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने संसद सदस्यों को देश की समस्याओं पर चर्चा और समाधान के लिए चुना है, न कि लोकतंत्र को शर्मसार करने के लिए।(वार्ता)

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