
नई दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफोर्म ट्विटर अपने मंच से कुछ सामग्री हटाने संबंधी एक सरकारी आदेश के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंचा है। इस पर आईटी राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखरन ने कहा कि देश में सभी मध्यस्थ प्लेटफोर्मों को देश के कानूनों और नियमों का पालन करना ही होगा।
केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखरन ने ट्वीट कर मंगलवार को कहा कि भारत में सभी विदेशी इंटरनेट मध्यस्थों व प्लेटफॉर्मों को न्यायालय जाने और न्यायिक समीक्षा कराने का अधिकार है लेकिन समान रूप से देश में संचालित सभी मध्यस्थों व प्लेटफॉर्मों पर हमारे कानूनों और नियमों का पालन करने का स्पष्ट दायित्व है।
जानकारी के अनुसार ट्वीटर का कहना है कि आईटी मंत्रालय ने उसे अपने मंच से कुछ सामग्री हटाने को कहा है लेकिन सरकार का यह आदेश आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत प्रदान किए गए आधारों पर ठीक नहीं बैठता हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने ट्वीटर से सैकड़ों अकाउंट्स और ट्वीट हटाने को कहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 4 जुलाई तक आदेशों का पालन नहीं करने पर आपराधिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी थी।(हि.स.)



