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अब तक देश के 49 फीसदी बुजुर्गों को लगी कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक

45 से 59 वर्ष के 42 फीसदी और 15 फीसदी युवाओं को भी लगी पहली डोज

नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देश के 49 फीसदी बुजुर्गों को अब तक वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयु के अनुसार आबादी से तुलना करते हुए जानकारी दी है कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के कुल लोगों की संख्या 13.8 करोड़ है जिनमें से 49 फीसदी को पहली खुराक मिल चुकी है।

ठीक इसी तरह 45 से 59 वर्ष आयु की कुल आबादी 20.9 करोड़ के आसपास है जिनमें से 42 फीसदी को पहली खुराक मिल चुकी है। अगर 18 से 44 वर्ष की युवा आबादी की बात करें तो 59.7 करोड़ में से 15 फीसदी को पहली खुराक मिल चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों की कुल आबादी 94.4 करोड़ है।

मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल का कहना है कि इन आंकड़ों से टीकाकरण की सही दिशा के बारे में पता चल रहा है। वायरस से बचाव के लिए देश में टीकाकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल यह कहा जा सकता है कि 49 फीसदी बुजुर्गों में पहली खुराक के बाद संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 18 से 44 वर्ष की आयु के 9.10 करोड़ युवाओं को अब तक टीका लगा है जिनमें से दूसरी खुराक 0.20 करोड़ ने ली है। ठीक इसी तरह 1.74 करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों को खुराक दी गई हैं जिनमें पहली खुराक का टीकाकरण लगभग पूरा हो चुका है।
1.02 करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगा है। इनमें से दूसरी खुराक 0.74 करोड़ को दी गई है। इसी तरह तीन करोड़ में से 1.75 करोड़ फ्रंटलाइन वर्करों को पहली और 0.95 करोड़ को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 45 या उससे अधिक आयु वर्ग की बात करें तो 19.57 करोड़ खुराक दी गई हैं जिनमें से 15.60 करोड़ पहली खुराक दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि 21 से 28 जून के बीच प्रतिदिन औसतन 57.8 लाख खुराकें दी गई हैं।

गांवों वाले ज्यादा भरोसा कर रहे वैक्सीन पर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीकाकरण के आंकड़े सार्वजनिक करते हुए बताया कि बीते एक मई से 24 जून के बीच सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों में लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। इस अवधि के दौरान 56 फीसदी यानी 9.06 करोड़ खुराक ग्रामीण क्षेत्रों में दी गई हैं। जबकि शहरी क्षेत्रों में 7.68 करोड़ यानी 44 फीसदी दी गईं।

इसी तरह टीकाकरण के लैंगिक असमानता को लेकर बात करें तो शुरूआत में टीकाकरण के दौरान यह अंतर काफी बढ़ा था लेकिन फिलहाल 14.99 करोड़ (46 फीसदी) महिला और 17.48 करोड़ (54 फीसदी) पुरुषों को वैक्सीन दी गई। इनके अलावा 54,693 थर्डजेंडर को वैक्सीन दी गई है।

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