
वाराणसी । शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि पर रविवार शाम से ही शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में रौनक दिखने लगी। तीन दिवसीय दुर्गापूजा मेले के चलते काशी में मिनी बंगाल का नजारा देखने को मिल रही है। पूजा पंडालों में ढाक के डंकों की धमक, गुग्गुल व लोहबान का सुगंध अलग ही माहौल बना रहा है। बंग समाज के पूजा पंडालों में धुनूचि नृत्य का अलग आकर्षण लोगों मे दिखा। सभी पूजा पंडालों और आसपास के इलाके में आकर्षक बिजली सजावट भक्ति संगीत माहौल में रस घोल रहे है।
इसके पहले शहर के कई पूजा पंडालों में सुबह सप्तमी तिथि पर नवपत्रिका पूजन के बाद देवी की मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा की गई। शंख ध्वनि, ढाक की थाप और घंटा-घड़ियाल से देवी के आराधना के स्वर गूंजते रहे। प्रीमियर ब्वॉयज क्लब की ओर से हथुआ मार्केट में नेपाल के पशुपति नाथ की तर्ज पर, मच्छोदरी पंडाल में गुजरात के कष्टभंजन हनुमान मंदिर में मां दुर्गा से क्षमा मांग रहे असुर, गिलट बाजार में बने पंडाल को त्रिशूल का आकार दिया गया है। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर ही भोजूबीर पंचक्रोशी मार्ग स्थित मां दक्षिणेश्वरी काली का महानिशा पूजन किया गया।
उधर, बीएचयू के दुर्गा पंडाल में सप्तमी पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यहां तिरंगा थीम से पंडाल को सजाया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बीएचयू शहर भर के स्कूलों को कार्यक्रम करने का मौका दे रहा है। जगतगंज के पूजा पंडाल को लेकर भी लोगों में उत्साह दिखा। विजेता स्पोर्टिंग क्लब की ओर से इस बार बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रखकर सजावट की गई है। रात 7 बजते-बजते शहर के सभी पूजा पंडाल भक्तों से पट गया। रात होते-हाेते जन सैलाब दर्शन पूजन के लिए पंडालों में पहुंचने लगा।
छित्तूपुर, मंडुवाडीह, लहरतारा, आदमपुर, सदर बाजार, गोलगड्डा, जैतपुरा, लहरतारा, औरंगाबाद, भारत सेवा आश्रम संघ सिगरा, रामकृष्ण मिशन लक्सा, अकाल बोधन लक्सा रोड, वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी पांडेय हवेली, जिम स्पोर्टिंग क्लब भेलूपुर, काशी दुर्गोत्सव सम्मिलनी शिवाला के पूजा पंडालों में रौनक बिखरी रही। पंडालों के बाहर सजे खानपान के स्टालों पर काफी भीड़ जुटी थी। यहां पर मोमोज और बर्गर से लेकर बाटी-चोखा, दही-रसगुल्ला, रबड़ी, लस्सी, चाट पकौड़ी आदि व्यंजनों के आनंद उठा रहे थे।(हि.स.)
वाराणसी के पंडालों में विराजीं मां दुर्गा, श्रृंगार और प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुआ आमंत्रण
दुर्गा पूजा महोत्सव सप्तमी से शुरू हो गया। सप्तमी में मां दुर्गा की मूर्ति को स्थापित करके श्रृंगार किया गया। अस्त्र-शस्त्र आभूषण मुकुट समेत श्रृंगार में मां को पंडालों में विराजमान कराकर प्राण प्रतिष्ठा की गई। युवाओं से लेकर बच्चों और महिलाओं में खासा उत्साह रहा।

हिन्दू रीति रिवाज से पूजा हुई। क्षेत्र के उमरहां बाजार, तरयां, पियरी, कित्ता, नारायनपुर, डुबकियां, चौबेपुर में दुर्गा पूजा के पंडाल सजे। कित्ता में जय मां शम्भो स्पोर्टिंग क्लब दुर्गा पूजा समिति के ओर से दिन में मां दुर्गा की पूर्ति स्थापित की गई। लोगों के द्वारा मां का आमंत्रण करके बोधन किया गया। इस दौरान आरती के बाद मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। शाम को आरती के बाद माता की चौकी आयोजित हुई। इसमें माता के भजनों से पंडाल भक्ति भाव में डूब गया। इस दौरान रामजी राय, आशीष राय, विकास, रोशन, प्रदीप, विशाल, अनुज ,विशाल, बृजेश,धीरज, रोशन समेत अन्य मौजूद रहे। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।



