
वाराणसी। मारपीट व एससी एसटी के मामले में छह माह से जेल में बंद आरोपितों की जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया। रामनगर थाना क्षेत्र के गणेश यादव व अनिल बाल्मीकि के बीच रास्ते का विवाद चल रहा था। जिस पर सीविल मुकदमे भी चल रहे हैं। गणेश यादव सहित उसके परिवार के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ अदालत में वाद प्रस्तुत किया। जिस पर अदालत ने स्वीकार करते एससी/ एसटी के अन्तर्गत सम्मन जारी कर दिया। गणेश यादव ने वाराणसी न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल किया। जिसे पर विशेष न्यायाधीश वाराणसी ने जमानत खारिज करते हुए सभी आरोपितों को जेल भेज दिया।
याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा ने बहस के दौरान हाई कोर्ट को बताया कि जब तीन बार मारपीट हुई और ईंट पत्थर चले तो प्रतिवादी को चोट क्यों नहीं आई। चोट आई तो फिर मेडिकल क्यों नहीं कराया गया। प्रतिवादी ने स्वयं 202 के बयान यह कहा है कि उसने मेडिकल नहीं कराया है। अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि याची व उसके परिवार को फर्जी एससी एसटी के मुकदमे में फंसाया गया है। बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सभी आरोपितो को रिहा करने का आदेश दे दिया।



