
होलिका दहन स्थल पर अतिक्रमण के मामले में धार्मिक संगठन व संयुक्त बार हुआ लामबंद
वक्ताओं ने अतिक्रमण का ठीकरा स्थानीय प्रशासन पर फोड़ा
दुद्धी, सोनभद्र – होली का त्यौहार नजदीक आते ही नगर के प्रमुख होलिका दहन स्थल पर हो रहे अतिक्रमण का मामला गरमाता ही जा रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को कचहरी स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन में विभिन्न धार्मिक संगठनों के साथ संयुक्त बार ने प्रेसवार्ता की और होलिका दहन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने संकल्प दोहराया। श्रीरामलीला कमेटी के संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता नंदलाल, दुद्धी बार अध्यक्ष जितेन्द्र श्रीवास्तव व सिविल बार के अध्यक्ष रामेश्वर तिवारी ने संयुक्त रूप से कहा कि होलिका दहन स्थल का मामला पिछले पांच महीने से लंबित चला आ रहा है। धार्मिक जनभावनाओं से जुड़े इस प्रकरण में स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है।
सैकड़ो साल से जलती आ रही होलिका दहन स्थल पर अतिक्रमणकारियों ने सितम्बर 2021में कब्जा करने की शुरुआत की। जिसकी लिखित शिकायत 15 सितम्बर को श्रीरामलीला कमेटी,जेबीएस आदि धर्मिक संस्थाओं ने तत्कालीन एसडीएम को देते हुए कब्जा रोकने की मांग की थी। पुनः 18 सितम्बर को मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर को भी समाधान दिवस पर दुद्धी में प्रार्थनापत्र देकर अवगत कराया था। जिसपर मंडलायुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बैठाकर समाधान का निर्देश दिया था।
लेकिन धार्मिक जनभावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले में स्थानीय प्रशासन ने तनिक भी रुचि नही दिखाई। प्रशासन की ओर से वादा किया गया था कि मामले का समाधान होने तक विपक्षी एक भी ईंट नही रख पायेगा। वक्ताओं ने अतिक्रमण का ठीकरा स्थानीय प्रशासन पर फोड़ते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से अतिक्रमणकारी धीरे-धीरे करीब पांच माह के भीतर रास्ता बन्दकर गेट तक लगाने में कामयाब हो गये, जो निंदनीय है।यदि प्रशासन इस गंभीर मसले का निराकरण नही करता है तो समाज अपने तरीके से इसे हल करेगा।
वक्तताओं ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा है कि छः दिन पूर्व भी अतिक्रमणकारी द्वारा होलिका दहन स्थल पर कार्य किया जा रहा था। जिसकी शिकायत कोतवाली में की गई तो पक्षकार को बुलाकर बैठाया गया। तब तहसीलदार ज्ञानेन्द्र यादव व कोतवाल राघवेंद्र सिंह ने एक सप्ताह के भीतर मामले का पटाक्षेप करने का आश्वासन दिया था।शनिवार को वह समय भी पूरा होने जा रहा है। होली का त्यौहार नजदीक है और यह मामला धार्मिक जनभावनाओं से जुड़ा अति संवेदनशील मामला है। जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
ज्ञातव्य हो कि इस संवेदनशील मामले में श्रीरामलीला कमेटी को शिथिलता बरतने के आरोप में संरक्षक मंडल ने भंग कर दिया और कमान अपने हाथ में ले लिया है।इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद यादव, जवाहरलाल अग्रहरि, शिवशंकर प्रसाद,आनंद कुमार, दिलीप पांडेय,दुद्धी बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार, सचिव उमेश चंद, विहिप के नगर अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, प्रखंड अध्यक्ष संदीप कुमार गुप्ता, सहसंयोजक आलोक जायसवाल, प्रखंड संयोजक सोनू जायसवाल, नगर संयोजक मोहित जायसवाल सहित कई धार्मिक संगठन के लोग उपस्थित रहे।



