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पीएम मोदी ने सुनाई देश के अनसुने नायकों की कहानी, काशी के लंगड़ा आम का भी किया खास जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें संस्करण में देशभर में हो रहे प्रेरणादायी सामाजिक कार्यों, पर्यावरण संरक्षण अभियानों और जनभागीदारी की सराहना की। उन्होंने तमिलनाडु, केरल और उत्तर प्रदेश के उदाहरणों के माध्यम से सेवा, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन की मिसालें प्रस्तुत कीं। पीएम मोदी ने छात्रों को एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया तथा काशी के प्रसिद्ध लंगड़ा आम का विशेष उल्लेख किया। वाराणसी सहित पूरे काशी क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम सुना।

  • लोगोंं के प्रेरणादायी कार्यों की शक्ति से निरंतर आगे बढ़ रहा है देश: मोदी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश के गांवों और शहरों में ऐसे अनेक प्रेरणादायी कार्य हो रहे हैं जिनसे यह विश्वास मजबूत होता है कि देश लोगों की शक्ति से निरंतर आगे बढ रहा है।श्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम ‘ मन की बात’ की 134 वीं कड़ी में इसी तरह के अनेक प्रेरणादायी कार्यों का उल्लेख करते हुए लोगोंं से इनकी सराहना करने तथा इनसे जुड़ने की अपील की है।

उन्होंंने कहा ,” भारत के हर गाँव में, हर शहर में, कुछ-न-कुछ ऐसा हो रहा है जो हमें प्रेरणा देता है। कई बार, इन प्रयासों की ज्यादा चर्चा नहीं होती, लेकिन जब हम इन्हें जानते हैं, तो ये विश्वास और मजबूत होता है, कि देश, अपने लोगों की शक्ति से आगे बढ़ रहा है। मेरा आपसे आग्रह है, अपने आसपास ऐसे प्रयासों को जरूर देखिए। जो लोग समाज के लिए अच्छा काम कर रहें हैं, उन्हें पहचानिए, उनकी सराहना कीजिए, उनसे सीखिए, और हो सके तो खुद भी किसी अच्छे काम से जुड़िए।

“श्री मोदी ने तमिलनाडु के नागरकोइल में एक शिक्षिका गिरिजा अम्मा के साथ अपनी मुलाकात को साझा करते हुए कहा कि गिरिजा अम्मा जी करीब 15 स्कूल चलाती हैं। इनमें चेन्नई का जयगोपाल गरोडिया हिन्दू विद्यालय बहुत प्रमुख है। उनकी देशभक्ति की भावना हर भारतवासी को प्रेरित करने वाली है। उन्होंने ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर देश के अनेक सैनिकों के लिए योगदान का संकल्प लिया। इसके लिए उन्होंने अपने सभी स्कूलों के को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें। यानी एक साल में हर छात्र की ओर से 365 रुपये जमा हुए। इस छोटे-छोटे योगदान से करीब 40 लाख रुपये इकट्ठा हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा,”गिरिजा अम्मा जी ने इस पूरी राशि का चेक मुझे सौंपा। उनसे बातचीत के दौरान मैंने महसूस किया कि माँ भारती के प्रति उनका समर्पण कितना गहरा है। पिछले वर्ष ही चेन्नई के पहले हिन्दू विद्यालय ने अपने 50 वर्ष पूरे किए हैं। देश की शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने में इस स्कूल नेटवर्क की भूमिका बहुत प्रशंसनीय है।”उन्होंने केरलम के आलुवा में, साजी वलाशेरिल द्वारा चलाये जा रहे निशुल्क स्वीमिंग क्लब का भी उल्लेख किया और कहा कि यहां अब तक 15 हजार से ज्यादा लोग यहाँ तैरना सीख चुके हैं । विशेष बात यह है कि श्री साजी जी ने दिव्यांग बच्चों को भी तैराकी सिखाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा , “साजी वलाशेरिल जी का जीवन, हमें एक बहुत बड़ी सीख देता है। सेवा करने के लिए बहुत बड़े साधन जरूरी नहीं होते – जरूरी होता है, एक अच्छा इरादा और लगातार किया गया प्रयास। इन्हीं के दम पर, हजारों लोगों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है ।”श्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में गंगा डोल्फिन को बचाने की कोशिश से जुड़े एक चर्चित वीडियो का भी अपने कार्यक्रम में जिक्र किया और कहा कि करीब 13 घंटे चले अभियान के बाद आखिरकार वह डोल्फिन बच गई।

उन्होंने कहा कि इस अभियान में भारत की पहली गंगा डोल्फिन बचाव एम्बुलेंस की भूमिका का उल्लेख किया। इस डोल्फिन को ठीक होने के बाद एक बार फिर राप्ती नदी में छोड़ा गया।उन्होंने उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की भी इसी तरह की प्रेरक गाथा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा,” बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गाँव की मनोरमा नदी को देखकर बहुत दुखी होते थे। क्योंकि जिस नदी को उन्होंने बचपन में साफ और जीवंत देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लास्टिक जमा होने लगा था। गंदगी बढ़ती चली जा रही थी।

श्रीमान आकाश ने तय किया कि शिकायत नहीं करेंगे, एक नई शुरुआत करेंगे।शिकायत नहीं, शुरुआत मंत्र बन गया। उन्होंने अपने दोस्तों को साथ लिया। सिर्फ जाल था, फावड़ा था, टोकरी थी और सबसे बड़ी ताकत थी, कुछ बदलने का संकल्प। ये युवा नदी में उतरते थे, जलकुंभी निकालते थे। प्लास्टिक और कचरा बाहर लाते थे। कई बार एक दिन में 50-60 किलो तक कचरा नदी से निकाला गया। धीरे- धीरे मनोरमा नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। आसपास के लोगों का ध्यान भी इस काम की तरफ गया। लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी।”

मोदी ने छात्रों का एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में एस्ट्रोनॉमी क्लबों की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए छात्रों से अपनी रूचि के अनुसार इन क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया है।श्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात ‘ में कहा कि देशभर में बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

उन्होंंने कहा ,” आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है। मुझे बेंगलुरू एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं। इस संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने का मिशन भी शुरू किया है। ‘खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत नया कोर्स शुरू किया है।”उन्होंने कहा कि इसी तरह अशोक केरल नाम की एक संस्था रात्रि शिविर और कार्याशाला आयोजित करती है। यहां युवा साथी टेलीस्कोप बनाना और स्टार मैप का इस्तेमाल करना सीखते हैं। राजकोट के बिग बैंग एस्ट्रोनॉमी क्लब ने गिर के जंगलों से लेकर कच्छ के रण तक अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

‘ज्योतिर्विद्या परिसंस्था’ भी इस विषय के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। यहां किताबें, पुस्तकालय और टेलीस्कोप लाइब्रेरी की सुविधा भी है। उन्होंने आईसैक संस्था का भी जिक्र किया और कहा कि यह छात्रों का एक देशव्यापी नेटवर्क है जो एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स क्लबों को आपस में जोड़ता है।उन्होंंने छात्रों से कहा कि उनके लिए अपनी रूचियों के विषयों के लिए समय निकालना और लगातार कुछ नया सीखते रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा ,” मैं युवाओं से आग्रह करूंगा कि वे किसी एस्ट्रोनॉमी क्लब से जरूर जुड़ें, और इन छुट्टियों में किसी तारामंडल को भी जरूर देखने जाएं।” (वार्ता)

पीएम मोदी ने मन की बात में बनारसी लंगडा़ आम का किया जिक्र

प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 134 वें संस्करण को वाराणसी जिला व महानगर सहित काशी क्षेत्र के सभी 28087 बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुना व आत्मसात करने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने मन की बात में विभिन्न सम सामायिक मुद्दों के साथ देश में पड रही गर्मी, देसी पेय पदार्थ व आम की चर्चा की।

पीएम मोदी ने कहा, ‘गर्मी आते ही एक और चर्चा हर घर में शुरू हो जाती है और वो है आम। आम चर्चा का विषय होता है, भारत में शायद ही कोई घर होगा जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो। हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद, अपनी खुशबू। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस, अलफांजो, गुजरात का केसर, यह तो आमरस की जान है, उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा। वैसे, लंगड़ा आम की एक खास बात होती है- पकने के बाद भी उसका रंग कई बार हरा ही रहता है। बिहार जर्दालु जिसकी खुशबू दूर से पहचान में आ जाती है। चौसा, मालदा हर नाम के साथ लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं, ऐसे मौसम में अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पानी पीते रहिए। धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलें। इस दिशा में सरकार के अलग-अलग विभागों ने जो गाइडलाइंस जारी की है वो भी भूलिएगा नहीं। हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है, रसोई का प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं और फिर शुरू होता है देसी पेय का दौर।’

पीएम मोदी बोले, ‘देसी पेय से आप भी परिचित हैं, अगर आप उत्तर भारत में जाएंगे तो काफी जगह आपको मिलेगा आम पन्ना, कच्चे आम का स्वाद, और गर्मी से राहत भी। पंजाब-हरियाणा जाइए तो लस्सी मिल जाएगी, बड़े गिलास वाली लस्सी। राजस्थान और गुजरात में छाछ, जैसे हर खाने की साथी बन जाती है और बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत, उसकी तो बात ही क्या है, पेट भी भरे, ताकत भी दे। कोंकण और गोवा में कोकम शरबत, सोल कढ़ी। दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर, सम्बारम और ओडिशा में बेल पना, वो सिर्फ पेय नहीं, भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपरा का हिस्सा है।इस क्रम में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने वाराणसी जिले के लोहता मंडल के बूथ संख्या 334 (चांदपुर) पर पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ पीएम मोदी के मन की बाण कार्यक्रम को सुना।

इस क्रम में राजयमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने रोहनिया विधानसभा के कर्दमेश्वर मंडल के शक्ति केंद्र कंचनपुर के बूथ संख्या 185 पर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना।इस क्रम में क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने जवाहर नगर स्थित बूथ संख्या 337 व सह मीडिया प्रभारी व पार्षद संतोष सोलापुरकर ने बिंदु माधव वार्ड के बूथ संख्या 257 पर पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना।

वाराणसी संसदीय जनसंपर्क कार्यालय ने कार्यकर्ताओं ने सुनी पीएम मोदी के ‘मन की बात’

इस क्रम में संसदीय जनसंपर्क कार्यालय वाराणसी में कार्यालय प्रभारी शिव शरण पाठक के नेतृत्व में मन की बात के 134 वें एपिसोड को कार्यकर्ताओं संग सुना। इस अवसर पर (संसदीय कार्यालय प्रभारी) शिव शरण पाठक, श्रीमती वीणा पांडेय, नंदकिशोर जी पांडेय, सुनील मिश्रा, पवन शर्मा, शिवांगजी, रविंद्र सिंह पार्षद ,रमाशंकर पटेल पार्षद जगन्नाथ ओझा,अजय प्रताप सिंह,अरविंद,चौधरी, गौरव पांडेय, सौरभ पाठक, सुमित मिश्रा, सोनी शर्मा, रीना सिंह, चंद्रकला गुप्ता, अनीता गुप्ता, सहित तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु ने कार्यकर्ताओं के साथ सुना

आज वाराणसी स्थित अपने कार्यालय पर प्रदेश के आयु मंत्री डॉ दयाशंकर में दयालु ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री Narendra Modi के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat के 134वें संस्करण को श्रवण करने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के उल्लेख के साथ देशवासियों को सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के श्री आकाश गुप्ता द्वारा मनोरमा नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों का विशेष रूप से जिक्र किया। सीमित संसाधनों के बावजूद पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज को साथ लेकर चलने की भावना वास्तव में प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है।

डॉ दयालु ने प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जाना यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक कार्य भी व्यापक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। श्री आकाश गुप्ता का यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आगे आने की प्रेरणा भी देता है।’मन की बात’ कार्यक्रम निरंतर देशवासियों को सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बना हुआ है। यह कार्यक्रम समाज के उन अनसुने नायकों को पहचान दिलाने का कार्य करता है, जो निस्वार्थ भाव से समाज और देश के लिए कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम को सुनने के उपरांत उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री जी के विचारों की सराहना करते हुए संकल्प लिया कि वे भी पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं समाजहित के कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ताकि विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और अधिक गति मिल सके। इस दौरान सर्वश्री हरदत शुक्ला, गौरव राठी, सौरभ राय, आकाश पांडेय, संतोष सैनी, प्रमोद राय, सौरभ पाठक, रविशंकर मिश्रा, विशाल रघुवंशी, दिनेश कुमार सिंह (दीनू) आदि मुख्य रूप से शामिल थे!

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