
नई दिल्ली : कोरोना के टीके को लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइंस (SoP) जारी कर दी हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक भारत में कोरोना वैक्सीन आने के बाद एक दिन में तकरीबन 100 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। सरकार ने उल्लेख किया है कि “लाभार्थियों” की संख्या 200 तक जा सकती है।
केंद्र के दिशानिर्देशों के मुताबिक एक वैक्सीनेशन साइट पर एक सत्र (यानी एक दिन) में अधिकतम 100 लाभार्थियों को वैक्सीन देने की आकलन की जा सकती है। लेकिन अगर किसी वैक्सीनेशन साइट पर पर्याप्त लॉजिस्टिक और वेटिंग रूम, ऑब्जरवेशन रूम के साथ क्राउड मैनेजमेंट की सुविधा भी है, तो एक और वैक्सीनेटर ऑफिसर जोड़कर एक दिन में 200 लोगों को कोरोना का टीका दिया जा सकता है। इस लिहाज से पर्याप्त लॉजिस्टिक और वेटिंग रूम की सुविधा न होने पर एक दिन में एक सेंटर पर केवल 100 लोगों की कोरोना का टीका दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक मसौदे को पेश करते हुए कहा, “यह अनुमान लगाते हुए कि जल्द ही COVID-19 वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है, भारत सरकार देश में इसकी शुरुआत की तैयारी कर रही है ताकि उपलब्ध होने पर इसे शीघ्रता से पूरा किया जा सके। इस दिशा में ‘COVID-19 के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह’ (NEGVAC) का गठन एक मील का पत्थर है। भारत में COVID-19 वैक्सीन परिचय के सभी पहलुओं पर NEGVAC गाइड करता है।” अगर कहीं किसी सेंटर पर 200 से ज्यादा लोगों को एक सत्र के अंदर टीका लगाया जाना तय किया जा रहा है तो 5 लोगों की पूरी टीम अलग से तैनात करनी होगी। जिनमें एक वैक्सीनेटर ऑफिसर और चार वैक्सीनेशन ऑफिसर शामिल होंगे।
किसे मिलेगा सबसे पहले कोरोना का टीका?
भारत में कोरोना का टीका सबसे पहले 1 करोड़ हेल्थ केयर वर्कर, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर और 50 वर्ष से अधिक उम्र के 26 करोड़ लोगों को दिया जाएगा। इसके बाद 50 वर्ष से कम उम्र के 1 करोड़ उन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी जो किसी पुराने गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं।



