किसानों की सैकड़ों एकड़ की भूमि की फसल एनएचआई ने किया बर्बाद
आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों को दी चेतावनी जब तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक कोई काम नहीं होगा यदि काम हुआ किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
पीपीगंज,गोरखपुर। नगर पंचायत के ग्राम सभा साहबगंज में आज शुक्रवार के दिन काश्तकारों व किसानों की लगभग सैकड़ों एकड़ की भूमि एनएचआई द्वारा भूमि अधिग्रहण हेतु बर्बाद कर दिया गया।आरोप है कि किसानों को बिना किसी प्रकार का सूचना दिए व मुआवजा दिए ही एनएचआई द्वारा लेवलर जेसीबी लगाकर उनकी फसल बर्बाद कर दी मौके पर पहुंचे हजारों की तादात में काश्तकार व किसानों ने कार्य को बीच में ही रुकवाया साथ में आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों को चेतावनी दी की जब तक अधिग्रहण वाली भूमिका संपूर्ण भुगतान ना हो जाए तब तक किसी भी प्रकार का कोई कार्य आरंभ ना किया जाए यदि बिना मुआवजा के शासन व प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार का कार्य किया जाता है तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 29 ई के किलोमीटर 56 से किलोमीटर 80 सोनौली- जंगल कौड़िया खंड के लिए अर्जन की जाने वाली भूमि हेतु का पिछले वर्ष 24 जनवरी एवं पिछले वर्ष 6 मई को अधिसूचना अखबारों में प्रकाशित कराया था। जिसके अनुसार इन मार्गों पर पड़ने वाली भूमि का अधिग्रहण किया जाना था।
किसानों व काश्तकारों का आरोप है कि भूमि अधिपत्य अधिकारी द्वारा जारी सूचनाओं के क्रम में पहली अधिसूचना जो 24 जनवरी 2022 को जारी हुई थी उसमें प्रभावित भूमि का प्रतिकर राशि जारी किया गया जो बहुत ही कम थे तथा तमाम जगहों पर अनेकों विवाद थे। जिसके बाद पुनः 6 मई 2022 को एवं दिनांक 24 नवंबर 2022 भूमि अधिग्रहण के लिए अन्य सूचना जारी किए गए।जिसके बाद आज अचानक शुक्रवार के दिन एनएचएआई के साइट इंजीनियर व राजस्व विभाग के अनेकों कर्मचारियों द्वारा बिना किसानों को सूचना दिए हुए नए अधिसूचना वाली भूमि में जिसका प्रतिकर राशि ना तो अभी निर्धारित किया गया है और ना ही दिया गया है,
उनमें जेसीबी लगा कर कर सैकड़ों एकड़ की फसल किसानों की बर्बाद कर दी गई मौके पर पहुंचे हजारों की तादात में आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुये कार्य को रोक दिया व बोला कि जब तक किसानों के अधिग्रहण की जाने वाली भूमि का पूर्ण रूप से मुआवजा नहीं मिलता तब तक किसी भी प्रकार का कार्य भूमि पर ना किया जाए नहीं तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ।किसान ई0 बेदी लाल गुप्ता,विश्वनाथ चौधरी, अशोक सहानी,रामानंद मद्धेशिया और राम सूरत चौधरी का कहना है बिना मुवावजा दिए हम अपने जमीन पर कोई भी काम नहीं होने देगे।
परियोजना प्रबंधक एनएचआई का पक्ष
अखबार में गजट होने के बाद 7 दिन बाद भूमि विभाग की हो जाती है जो लोग मुआवजा नहीं लिए हैं वह स्वयं जिम्मेदार हैं एनएचएआई ने मुआवजा दे दिया है वह सरकार के खाते में जमा है हु।
भवेश अग्रवाल परियोजना प्रबंधक एनएचएआई



