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सतत विकास लक्ष्यों के लिए मिश्रित वित्त एवं निजी पूंजी का लाभ उठाने की जरूरत: सीतारमण

नयी दिल्ली : केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निजी पूंजी का लाभ उठाने के साथ ही मिश्रित वित्त के उपयोग पर जोर दिया है। श्रीमती सीतारमण ने आज इंडोनेशिया की राजधानी बाली में जी 20 देशों के वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन के लिए सतत वित्त गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुये यह बात कही। इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने यहां माइक्रो ब्लागिंग साइट ट्विटर पर कई ट्विट के माध्यम से यह जानकारी दी।

वित्त मंत्री ने टिकाऊ वित्त को बढ़ाने तथा सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) की भूमिका, मिश्रित वित्त और निजी पूंजी का लाभ उठाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा बदलाव के लिए भारत की द्विपक्षीय योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊर्जा सम्मिश्रण में नवीकरणीय घटकों को बढ़ावा देना और ऊर्जा सक्षमता एवं सुरक्षा बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी नीतिगत कदमों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निटपने के लिए पंचामृत रणनीति पर जोर दिया जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है।

प्रधानमंत्री ने पिछले साल ग्लासगो में आयोजित जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत की लड़ाई में ‘पंचामृत’ तत्वों के इस्तेमाल का संकल्प लिया था।श्रीमती सीतारमण ने इस बैठक से इतर इंडोनेशिया की वित्त मंत्री मुल्यानी इंद्रावती के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। उन्होंने सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री लॉरेंस वांग से भी मुलाकात की। श्रीमती सीतारमण ने इंडोनेशिया की वित्त मंत्री के साथ इंडोनेशिया की अध्यक्षता में जी 20 में हुयी प्रगति पर चर्चा की और किस तरह से आगे और बेहतर परिणाम के लिए सार्थक बना जा सके पर बातचीत की।इसके बाद श्रीमती सीतारमण ने जी 20 मंत्रिस्तरीय कर सम्मेलन में भी भाग लिया।(वार्ता)

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