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बीटिंग रिट्रीट में शामिल सैन्य टुकड़ियों ने बनाये ‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘चक्रव्यूह’, सेव अर्थ जैसे अनेकों मनमोहक रचनायें

नयी दिल्ली : राजधानी में रायसीना हिल्स की ढलान पर विस्तृत विजय चौक बुधवार शाम को अस्ताचल की ओर बढ़ते सूरज की लाल- पीली किरणों की चमक और सैन्य टुकड़ियों तथा तीनों सेनाओं और अद्धसैनिक बलों के बैंड की जादुई स्वर लहरी के बीच एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की आखिरी कड़ी में आयोजिक बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिये विजय चौक के दोनों तरफ बड़ी संख्या में विशिष्ट और सामान्य जन एकत्रित हुये थे।कार्यक्रम में विभिन्न बैंडों द्वारा सभी धुनें स्वदेशी थीं, जिनका दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर आनंद लिया।

समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हल्के क्रीम रंग की साड़ी पहने थीं। श्रीमती मुर्मु राष्ट्रपति भवन से बग्घी पर सवार होकर विजय चौक पर पहुंची। उनके बग्घी के आगे-पीछे घुड़सवार अंगरक्षकों का दस्ता चल रहा था। बीटिंग रिट्रीट स्थल पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री और सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।सेना के तीनों अंगों और केन्द्रीय पुलिस बलों की टुकड़ियों ने राष्ट्रपति को सलामी दी।रायसीना हिल्स के दोनों तरफ नार्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को दुल्हन की तरह से सजाया गया था। दोनों भवनों के झरोखों में प्रहरी खड़े थे और नीचे सजे-धजे ऊंटों पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान मुस्तैद थे।

समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा सचिव और थल सेना अध्यक्ष जनरल, उप्रेन्द्र द्विवेदी, वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।श्रीमती मुर्मु और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।राष्ट्रपति के पहुंचने पर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।

बीटिंग रिट्रीट में शामिल टुकड़ियों ने कार्यक्रम के दौरान पंक्ति विन्यास के जरिये, चक्रव्यूह, सेव अर्थ, एक पेड़ मां के नाम, जिग जैग, तीनों सेनाओं का प्रतीक चिह्न, संसद भवन की आकृति, भारतीय रुपया 2025, क्वार्टर मास्टर व्हील, मशाल, कौरव पांडव, तिरंगा जैसी आकृतियों का मनमोहक निर्माण प्रस्तुत किया।किसी भी उम्र के दर्शकों में इस समारोह को लेकर काफी उत्साह देखा गया। बच्चों और युवाओं में देशभक्ति के लिये सम्मान एवं प्यार देखा गया जबकि नन्हें बच्चे देशभक्ति को समझने और जानने के लिये उत्सुक हो रहे थे।सूरज ढलते ही नार्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें और पार्श्व में राष्ट्रपति भवन की गुंबद तिरंगे प्रकाश से नहा उठीं।बीटिंग रिट्रीट के साथ ही इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो जाता है।(वार्ता)

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