बनारस से विश्व शांति का संदेश: व्यापार मंडल ने रची अनूठी मिसाल
वाराणसी फर्नीचर एवं फर्नीशिंग व्यापार मंडल ने होली मिलन और ईद मिलन का संयुक्त आयोजन कर सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। फूलों की होली और गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई। वैश्विक तनाव के बीच काशी से शांति, भाईचारे और सद्भाव का मजबूत संदेश सामने आया, जिसमें 150 से अधिक व्यापारी शामिल हुए।
वाराणसी। जब दुनिया के कई देश युद्ध की आग में झुलस रहे हैं और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल बना हुआ है, ऐसे समय में धर्म नगरी काशी से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश सामने आया है। वाराणसी फर्नीचर एवं फर्नीशिंग व्यापार मंडल ने सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए ‘होली मिलन’ और ‘ईद मिलन’ का संयुक्त आयोजन कर विश्व शांति का अनूठा संदेश दिया।
शहर के प्रतिष्ठित और सबसे बड़े व्यापारिक संगठनों में शामिल इस मंडल के आयोजन में सैकड़ों व्यापारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें धर्म और परंपराओं की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी ने एक-दूसरे के साथ खुशियाँ साझा कीं। व्यापारियों ने फूलों की होली खेली, एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ व्यापारियों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। आयोजन प्रभारी प्रकाश सोनेजा ने सभी आगंतुकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया, जिसमें सफेद गांधी टोपी और कलगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शांति ही सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “आज का भयावह माहौल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि मानवता और भाईचारे को सबसे ऊपर रखा जाए।” वहीं महामंत्री रमेश यादव ने विश्वास जताया कि भारत की सांस्कृतिक एकता और शांति की परंपरा एक दिन पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक राजेश अग्रवाल, नरेंद्र गर्ग, प्रमोद यादव, अजय जायसवाल, डॉ. यादवेंद्र सिंह और नवनियुक्त संरक्षक अरुण रुस्तगी सहित अनेक गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे। इसके अलावा संजय अरोड़ा, दिलीप गुप्ता, अश्वनी जायसवाल, राजकुमार यादव, विजय जायसवाल, अमीन खान, तनवीर सिद्दीकी, दिनेश खुराना, ओम प्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता, अनिरुद्ध यादव, राजू यादव समेत 150 से अधिक व्यापारियों ने आयोजन में भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने बनारसी परंपरा के अनुरूप लस्सी, चाट और रात्रि भोज का आनंद लिया, जिससे आयोजन का उत्साह और भी बढ़ गया।
बनारस से निकला एक बड़ा संदेश
यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में एक सशक्त संदेश है। जब दुनिया विभाजन और संघर्ष की ओर बढ़ रही है, तब काशी के व्यापारियों ने यह साबित कर दिया कि प्रेम, एकता और भाईचारे से ही सच्ची शांति संभव है।काशी की गलियों से निकला यह संदेश न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन सकता है।
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