केजरीवाल ने तीसरी बार ईडी के सामने पेश होने से इनकार किया
ईडी-सीबीआई सिर्फ़ भाजपा का राजनैतिक हथियार: आतिशी
नयी दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को तीसरी बार दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने से इनकार कर दिया।दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता सौरभ भारद्वाज ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ईडी के समन अवैध और राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने नोटिस की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार करने से रोकने और उन्हें जेल में डालने के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है।’उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा ईडी से स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद कि श्री केजरीवाल को किस हैसियत से बुलाया जा रहाहै। श्री भारद्वाज ने कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री न तो आरोपी हैं और न ही गवाह हैं।’आप नेता ने कहा, ‘लगभग एक साल से मनीष सिसोदिया जेल में हैं और ईडी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं जुटाया है और अब वे श्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना चाहते हैं।’उन्होंने भाजपा पर एजेंसियों का उपयोग करके विपक्ष को निशाना बनाने और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।श्री केजरीवाल ने पिछले साल दो नवंबर और 21 दिसंबर को ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था।
ईडी-सीबीआई सिर्फ़ भाजपा का राजनैतिक हथियार: आतिशी
आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी ने प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) के समन पूरी तरह ग़ैरक़ानूनी और राजनीति से प्रेरित करार देते हुए बुधवार को कहा कि यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने की कोशिश है।सुश्री आतिशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) यह हथकंडा अपनाकर लोकसभा चुनाव से पहले ईडी और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल करके विपक्षी नेताओं को जेल भेजना चाहती है ताकि इंडिया गठबंधन सफल न हो। ईडी-सीबीआई आज सिर्फ़ भाजपा का राजनैतिक हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल विपक्ष के नेताओं को डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का कोई भी नेता भाजपा में शामिल हो जाता है तो समन-गिरफ़्तारियाँ बंद हो जाती हैं और ईडी कोर्ट में जाकर केस वापस ले लेता है।‘आप’ नेता ने कहा कि केंद्र सरकार की ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को तीसरी बार एक ग़ैरक़ानूनी समन भेज कर पेश होने को कहा है। जब दो बार समन आया तो श्री केजरीवाल ने स्पष्ट तौर पर सवाल पूछते हुए ईडी को चिट्ठी लिखी कि, उन्हें किस वजह से बुलाया गया है। उन्हें गवाह के तौर पर बुलाया जा रहा है, सस्पेक्ट के तौर पर बुलाया जा रहा है, दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर बुलाया जा रहा है, या आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर बुलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तीन बार चिट्ठी भेजने के बावजूद ईडी ने आजतक श्री केजरीवाल के सवालों का जबाव नहीं दिया। अगर इसका कोई क़ानूनी आधार होता तो ईडी श्री केजरीवाल की चिट्ठी का जबाव क्यों नहीं देता।सुश्री आतिशी ने कहा,“ ‘आप’ को भाजपा की धमकियों से डर नहीं लगता है, आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल जाने से डर नहीं लगता है। हम भाजपा शासित केंद्र सरकार से लड़ते रहेंगे चाहे ईडी-सीबीआई की कितनी धमकियाँ आ जाए।”(वार्ता)



