भारत विकास परिषद् की राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता, काशी प्रांत ने जीता प्रथम स्थान
वाराणसी में भारत विकास परिषद्, उत्तर मध्य क्षेत्र-2 द्वारा आयोजित क्षेत्र स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में काशी प्रांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रयागराज प्रांत द्वितीय और नैमिष प्रांत तृतीय स्थान पर रहा। संस्कृत एवं हिंदी समूहगान में काशी प्रांत की टीम विजयी रही। संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी (SARA), होलापुर की टीम ने भी सफलता हासिल की। छह प्रांतों की सहभागिता वाले इस आयोजन में राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
वाराणसी : राष्ट्रभक्ति के ओजस्वी स्वर, भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और सामूहिक संगीत की अद्भुत शक्ति से आज वाराणसी का वातावरण देशप्रेम के रंग में सराबोर हो उठा। भारत विकास परिषद्, उत्तर मध्य क्षेत्र-2 द्वारा आयोजित क्षेत्र स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से न केवल उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का अनुपम संदेश भी दिया।
प्रतियोगिता में काशी प्रांत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। प्रयागराज प्रांत द्वितीय तथा नैमिष प्रांत तृतीय स्थान पर रहा। इस गौरवपूर्ण आयोजन में संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी (SARA), होलापुर, वाराणसी की टीम भी विजयी रही। विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन, संगीत साधना और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।
बैंक्विट हॉल में सजी राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति की सुरमयी महफिल
भारत विकास परिषद्, उत्तर मध्य क्षेत्र-2 की क्षेत्र स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन रविवार, 1 नवंबर 2026 को अलीशान बैंक्विट हॉल, मोड़ैला, वाराणसी में किया गया। इस भव्य आयोजन का आतिथ्य भारत विकास परिषद्, काशी प्रांत द्वारा किया गया। प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना तथा संगीत के माध्यम से देशप्रेम एवं सांस्कृतिक चेतना का व्यापक प्रसार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ भारती तथा स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पार्पण कर कार्यक्रम को गरिमामय प्रारंभ प्रदान किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से वंदेमातरम् का गायन किया। राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत इस मंगलमय शुरुआत ने पूरे सभागार में उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति का संचार कर दिया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी विभाग के विभाग प्रचारक श्री नितिन जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई आयोजन की शोभा
इस अवसर पर भारत विकास परिषद् के क्षेत्रीय अध्यक्ष सी.ए. भारत भूषण जुनेजा, क्षेत्रीय महासचिव सुदीप टंडन, क्षेत्रीय संरक्षक जगदीश झुनझुनवाला, राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री मुकेश जैन (राष्ट्रीय पर्यवेक्षक), राष्ट्रीय गतिविधि संयोजक (संस्कार) के.एन. दुबे, क्षेत्रीय गतिविधि संयोजक (संस्कार) श्रीमती निशा जायसवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री आलोक कपूर एवं सचिव श्री प्रवीण पटेल सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।काशी प्रांत के अध्यक्ष श्री हरविंदर वालिया ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके उपरांत प्रतियोगिता के स्वरूप, नियमों और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी प्रतिभागियों को दी गई।
छह प्रांतों की टीमों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति के सुर, सभागार हुआ मंत्रमुग्ध
प्रातः 11 बजे से प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में संस्कृत समूहगान, हिंदी समूहगान एवं समूह लोकगीत की विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उत्तर मध्य क्षेत्र-2 के छह प्रांतों से आई टीमों ने अपनी सुमधुर आवाज, सधे हुए स्वर, सामूहिक तालमेल और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में राष्ट्र के प्रति समर्पण, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और मातृभूमि के गौरव का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा।प्रतिभागियों के उत्साह, आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह साबित किया कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
प्रतियोगिता के द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती कनक तिवारी, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, जनपद मिर्जापुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रतियोगिता की निष्पक्षता एवं उत्कृष्टता सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. अर्चना आदित्य म्हस्कर, डॉ. अंकुर श्रीवास्तव एवं डॉ. श्वेता राय उपस्थित रहे।निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का स्वर, लय, ताल, सामूहिक समन्वय, गीत की भावाभिव्यक्ति एवं प्रस्तुति की गुणवत्ता सहित विभिन्न निर्धारित मानकों पर मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता के परिणाम: काशी प्रांत ने तीनों श्रेणियों में दिखाई शानदार प्रतिभा
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा के साथ ही प्रतिभागियों एवं उपस्थित परिषद् सदस्यों में उत्साह की लहर दौड़ गई। विभिन्न श्रेणियों में प्रांतों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।
समूह लोकगीत प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — अवध प्रांत
द्वितीय स्थान — काशी प्रांत
तृतीय स्थान — प्रयाग प्रांत
संस्कृत समूहगान प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — काशी प्रांत
द्वितीय स्थान — प्रयाग प्रांत
तृतीय स्थान — नैमिष प्रांत
हिंदी समूहगान प्रतियोगिता
प्रथम स्थान — काशी प्रांत
द्वितीय स्थान — नैमिष प्रांत
तृतीय स्थान — पांचाल प्रांत
काशी प्रांत का शानदार विजय अभियान, समग्र प्रतियोगिता में प्रथम स्थान
तीनों प्रतियोगिताओं में काशी प्रांत की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सामूहिक संगीत साधना का परिचय दिया। संस्कृत एवं हिंदी समूहगान प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ ही लोकगीत प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर काशी प्रांत ने समग्र प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
समग्र परिणाम (ओवरऑल)
🥇 प्रथम स्थान — काशी प्रांत
🥈 द्वितीय स्थान — प्रयागराज प्रांत
🥉 तृतीय स्थान — नैमिष प्रांत
काशी प्रांत की इस शानदार उपलब्धि ने परिषद् के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उपस्थित अतिथियों को गौरवान्वित किया। प्रतिभागियों की मेहनत, निरंतर अभ्यास और सामूहिक समर्पण का यह परिणाम पूरे प्रांत के लिए हर्ष एवं गर्व का विषय बना।
संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी की टीम भी विजयी
इस क्षेत्र स्तरीय प्रतियोगिता में संत अतुलानंद रेजिडेंशियल एकेडमी (SARA), होलापुर, वाराणसी की टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय प्राप्त की।विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी संगीत प्रतिभा, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय एवं वाराणसी का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और संस्कारयुक्त शिक्षा से विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री मुकेश जैन का प्रेरणादायी मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री श्री मुकेश जैन जी का मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी उद्बोधन प्राप्त हुआ। उन्होंने परिषद् की गतिविधियों, संस्कार आधारित कार्यक्रमों और नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, सामूहिकता, अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
सभी प्रांतों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र
प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रांतों की टीमों के उत्साह, समर्पण और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की गई। समस्त प्रांतों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।इस अवसर पर परिषद् के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रतियोगिता का वास्तविक उद्देश्य केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को मजबूत करना है। प्रत्येक प्रतिभागी अपने आप में विजेता है, क्योंकि वह संगीत के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
परिषद् के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में काशी प्रांत के संरक्षक अभय सिंह, रमेश लालवानी, प्रमोद राम त्रिपाठी, नवीन श्रीवास्तव, जगदीश झुनझुनवाला, विवेक तिवारी, श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल, श्रीमती लवली श्रीवास्तव, अमित जैन, कमल, विष्णु सेठ, सुबोध सिन्हा, कैलाश नाथ, श्रीमती विनीता सिंह, डॉ. पंकज सिंह, श्रीमती अमिता जैन, प्रांतीय उपाध्यक्ष विवेक सूद, ओम प्रकाश यादव, अंजनी झुनझुनवाला, दिनेश जायसवाल, जयपाल सिंह, श्रीमती निधि सिंह एवं श्रीमती नीतू सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल, श्रीमती निर्जरा जैन एवं डॉ. प्रियंका जायसवाल ने किया। तीनों संचालकों ने अपनी प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित संचालन शैली से कार्यक्रम को निरंतर गतिमान बनाए रखा।
राष्ट्रगान के साथ हुआ भव्य आयोजन का समापन
समापन सत्र में भारत विकास परिषद्, काशी प्रांत की ओर से सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, पदाधिकारियों एवं आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। भारत विकास परिषद् का विश्वास है कि राष्ट्रीय समूहगान जैसी प्रतियोगिताएं नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सामूहिकता और सामाजिक समरसता के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वाराणसी में आयोजित इस भव्य प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब युवा प्रतिभाएं संगीत के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का स्वर बुलंद करती हैं, तब भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक सशक्त होती है।
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