
भारत फाइनल में खिताब के लिए दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा
विराट ने अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन फाइनल के लिए बचाकर रखा है: राेहित. बल्लेबाजी के दौरान ही जान लिया था कि इस विकेट पर कैसी गेंदबाजी करनी है: अक्षर
गयाना : कप्तान रोहित शर्मा (57) और सूर्यकुमार यादव (47) की शानदार पारियों के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने गुरुवार को टी-20 विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल के वर्षा बाधित मैच में इंग्लैंड को 68 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव की भारतीय गेंदबाजों की तिगड़ी ने 16.4 ओवरों में 103 रन पर समेट कर 68 रनों से जीत दर्ज की। कप्तान जॉस बटलर ने 15 गेंदों में (23), हैरी ब्रूक 19 गेंदाें में (25), जोफ्रा आर्चर 15 गेंदों में (21) तथा लियम लिविंगस्टन (11)रन बनाकर आउट हुये।
इंग्लैंड का शेष कोई भी बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। भारत ने इस जीत के साथ ही पिछली बार मिली अपनी हार का बदला चुका लिया। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 2.4 ओवर में 12 रन देकर दो विकेट लिये। कुलदीप यादव ने 19 रन देकर तीन विकेट झटके। अक्षर पटेल को 23 रन देकर तीन विकेट मिले।इससे पहले भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिये 172 रनों का लक्ष्य दिया था।आज यहां इंग्लैंड के कप्तान जॉस बटलर ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने तीसरे ओवर में सलामी बल्लेबाजी विराट कोहली(9) का विकेट खो दिया। इसके बाद ऋषभ पंत भी (4) रन बनाकर पवेलियन लौट गये। रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभाला।
टीम का स्कोर जब आठ ओवर में दो विकेट पर 65 रन था तो बारिश शुरु हो गई। बारिश के बाद कप्तान रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया। 14वें ओवर में आदिल रशीद ने रोहित शर्मा को आउट कर इंग्लैंड को तीसरी सफलता दिलाई। रोहित ने 39 गेंदों में छह चौके और दो छक्के लगाते हुये (57) रनों की पारी खेली। इसके बाद 16वें ओवर में जोफ्रा आर्चर ने सूर्यकुमार यादव को क्रिस जॉर्डन के हाथों कैच आउट करा दिया। सूर्यकुमार ने 36 गेंदों में चार चौके और दो छक्के लगाते हुये (47) रन बनाये। हार्दिक पांड्या ने 13 गेंदों में (23), अक्षर पटेल छह गेंदों में (10) रन बनाकर आउट हुये। शिवम दुबे शून्य पर आउट हुये। रवींद्र जडेजा नौ गेंदों में (17) और अर्शदीप सिंह (1) रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 171 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।इंग्लैंड की ओर से क्रिस जॉर्डन को तीन विकेट मिले। रीस टॉप्ली, जोफ्रा आर्चर,सैम करन और आदिल रशीद ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।
बल्लेबाजी के दौरान ही जान लिया था कि इस विकेट पर कैसी गेंदबाजी करनी है: अक्षर
भारतीय स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल ने कहा कि इंग्लैंड के खिालफ सेमीफाइनल में जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे तो उन्हें पता चल गया था कि इस पर विकेट पर कैसे गेंदबाजी करनी है।मैच के बाद अक्षर कहा, “मुझे बल्लेबाजी के दौरान ही पता लग गया था कि क्या करना है और क्या नहीं। इस विकेट पर बल्लेबाजो को गति देना मतलब उनका काम आसान करना था। गुड लेंथ पर गेंदबाजी करना बेहतर था और मैंने जब भी गुड लेंथ पर गेंदबाजी की तो कोई भी मेरी गेंद पर हिट नहीं लगा पाया। पावरप्ले में गुड लेंथ पर गेंदबाजी आवश्यकता थी।”
विराट ने अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन फाइनल के लिए बचाकर रखा है: राेहित
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली का बचाव करते हुए कहा है कि 15 वर्षो तक क्रिकेट खेलने के बाद फॉर्म समस्या नहीं होती, शायद उन्होंने सबसे अच्छा प्रदर्शन फाइनल के लिए बचाकर रखा हैं।इंग्लैंड को सेमीफाइनल में 68 रनों से मात देने के बाद विराट के प्रदर्शन पर पूछे गये सवाल के जवाब में रोहित ने कहा, “हम सब उनकी क्लास के बार में जानते हैं। 15 साल खेलने के बाद फॉर्म समस्या नहीं होती। शायद उन्होंने फाइनल के लिए अपने सबसे अच्छे प्रदर्शन को बचाकर रखा हैं। हम एक टीम के रूप में प्रयास कर रहे हैं। फाइनल एक बड़ा अवसर है। स्वयं को शांत रखने से अच्छे फैसले लेने में मदद मिलती है। मुझे लगा कि आज हम एकदम स्थिर थे और घबराए नहीं। हम अपनी पूरा प्रयास करेंगे, टीम अच्छी स्थिति में है। मैं बस इतना उम्मीद कर सकता हूं कि हम फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करें।
”उन्होंने टीम के प्रदर्शन पर कहा, “एक टीम के रूप में हमने बहुत मेहनत की और सभी का शानदार प्रदर्शन रहा। हमने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लिया और यही आज की सबसे बड़ी चुनौती थी। अगर गेंदबाज और बल्लेबाज स्वयं को परिस्थितियों के अनुसार ढाल लें तो चीजेें आसान हो जाती हैं। एक समय पर हमें ऐसा लगा रहा था कि इस पिच पर 140-150 का स्कोर भी सम्मानजनक स्कोर होगा। हालांकि हम बीच के ओवरों में रन बनाने में सफल रहे। मैं और सूर्यकुमार रन लगातार रन बनाने का प्रयास कर रहे थे और सोच रहे थे कि शायद हम 20-25 रन और बना सकते हैं। मैं बस यही चाह रहा था कि हमारे बल्लेबाज अपनी स्वाभाविक तरीके से खेलें। 175 का स्कोर इस पिच पर बेहद अच्छा स्कोर होता।
”उन्होंने कहा, “हमारे गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अक्षर और कुलदीप कमाल के स्पिनर हैं। इन परिस्थितियों में उनके खिलाफ रन बनाना मुश्किल है। वे दबाव में भी शांत रह कर अपना काम कर रहे थे। पहली पारी के बाद हमने बातचीत की। उस दौरान हमने यही निर्णय लिया गया कि लगातार विकेट की दिशा में ही लगातार गेंदबाजी करनी है।”(वार्ता)



