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भारत में निवेश आकर्षित करने के लिए लियें गयें महत्वपूर्ण निर्णय

सरकार ने मंत्रालयों/विभागों में “सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) और परियोजना विकास इकाइयों (पीडीसी)” की स्थापना को स्वीकृति दी ,निवेश और प्रोत्साहन से संबंधित नीतियों में मंत्रालयों/विभागों और केन्द्र तथा राज्य सरकारों के बीच तालमेल कायम होगा

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने “भारत में निवेश आकर्षित करने के लिए मंत्रालयों/विभागों में सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) और परियोजना विकास इकाइयों (पीडीसी)” की स्थापना को स्वीकृति दे दी है। इस नई व्यवस्था से भारत को 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन को बल मिलेगा। सरकार ने निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने का फैसला किया है, जो घरेलू निवेशकों के साथ ही एफडीआई का मजबूती से समर्थन करता है और इससे अर्थव्यवस्था में कई गुना प्रोत्साहन मिलेगा। डीपीआईआईटी ने एकीकृत दृष्टिकोण के रणनीतिक कार्यान्वयन का प्रस्ताव किया है, जिससे हमारी निवेश और प्रोत्साहन संबंधी नीतियों में मंत्रालयों/विभागों और केन्द्र तथा राज्य सरकारों के बीच तालमेल बढ़ेगा।

कोविड-19 महामारी के वर्तमान दौर में भारत को विशेष रूप से ऐसी बड़ी कंपनियों की तरफ से एफडीआई प्रवाह को आकर्षित करने का अवसर मिला है, जो नए भौगोलिक क्षेत्रों में अपने निवेश को विविधता देना चाहती हैं और जोखिम में कमी लाना चाहती हैं। इसके अलावा विविध उत्पाद श्रृंखलाओं में उत्पादन बढ़ाने से अमेरिका, यूरोपीय संघ, चीन और अन्य देशों से संबंधित बड़े बाजारों को सेवाएं देने में सहायता मिलेगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के लिए वैश्विक आर्थिक हालात से पैदा इन अवसरों का लाभ उठाना है। भारत में निवेश के लिए निवेशकों को सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहन देने के क्रम में निम्नलिखित संयोजन और उद्देश्यों के साथ सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) की स्थापना का प्रस्ताव किया जाता है :

  • कैबिनेट सचिव (अध्यक्ष)
  • सीईओ, नीति आयोग (सदस्य)
  • सचिव, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (सदस्य संयोजक)
  • सचिव, वाणिज्य विभाग (सदस्य)
  • सचिव, राजस्व विभाग (सदस्य)
  • सचिव, आर्थिक मामलों के विभाग (सदस्य)
  • संबंधित विभाग के सचिव (विकल्प के रूप में)

ईजीओएस के उद्देश्य

  • विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के बीच तालमेल कायम करना तथा समयबद्ध स्वीकृतियां सुनिश्चित करना।
  • भारत में ज्यादा निवेश आकर्षित करना और वैश्विक निवेशकों को निवेश समर्थन तथा सुविधाएं उपलब्ध कराना।
  • लक्षित तरीके से शीर्ष निवेशकों से आने वाले निवेश को आसान बनाना और समग्र निवेश परिदृश्य में नीतिगत स्थायित्व तथा सामंजस्य कायम करना।
  • विभागों द्वारा उनके (1) परियोजना निर्माण (2) होने वाले वास्तविक निवेश के आधार पर निवेशों का मूल्यांकन करना। इसके अलावा विभागों को अधिकार प्राप्त समूह द्वारा विभिन्न चरणों के समापन के लिए लक्ष्य दिए जाएंगे।

केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच समन्वय में निवेश योग्य परियोजनाओं के विकास के लिए एक ‘परियोजना विकास इकाई’ (पीडीसी) की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है। इससे भारत में निवेश योग्य परियोजनाओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और एफडीआई प्रवाह भी बढ़ेगा। सचिव के दिशा निर्देशन में संबंधित केन्द्रीय मंत्रालय के एक अधिकारी को निवेश योग्य परियोजनाओं के संबंध में अवधारणा तैयार करने, रणनीति बनाने, कार्यान्वयन और विवरण के प्रसार का काम सौंपा जाएगा। यह अधिकारी संयुक्त सचिव की रैंक से कम का नहीं होगा और वह पीडीसी का प्रभारी होगा।

पीडीसी के निम्नलिखित उद्देश्य होंगे :

  • सभी स्वीकृतियों, आवंटन के लिए जमीन की उपलब्धता और निवेशकों द्वारा स्वीकार्यता/निवेश के लिए पूर्ण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ परियोजनाएं तैयार करना।
  • निवेश आकर्षित करने और उसे अंतिम रूप देने के क्रम में ऐसे मुद्दों की पहचान करना, जिनका समाधान करने की जरूरत है तथा उन्हें अधिकार प्राप्त समूह के सामने रखा जाना।

इस फैसले से भारत ज्यादा निवेश अनुकूल स्थल के रूप में सामने आएगा और देश में निवेश प्रवाह को समर्थन तथा आसान बनाकर माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत मिशन को प्रोत्साहन दिया जा सकेगा। इससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और विविध क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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