
बेगूसराय में रामानंद प्रसाद शर्मा की पुण्यतिथि पर विशाल स्वास्थ्य मेला, 1000 से अधिक लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण
बेगूसराय के केशावे गांव में ईमानदार अफसर रहे रामानंद प्रसाद शर्मा की तीसरी पुण्यतिथि पर विशाल स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ। वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार के नेतृत्व में 50 डॉक्टरों ने 1000 से अधिक लोगों को सीपीआर व प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया। स्कूली छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रशिक्षित प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए और जीवन रक्षक सेवा की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
- रामानंद बाबू की तीसरी पुण्यतिथि पर स्कूली बच्चों सहित एक हज़ार लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण, गुरु रहमान को ऑनेस्टी अवॉर्ड, डॉ निशांत रंजन और डॉ अशित को स्वास्थ्य नायक सम्मान
बेगूसराय। अपनी ईमानदारी और संवेदनशीलता के लिए बिहार और झारखंड में चर्चित अफसर रहे स्मृतिशेष रामानंद प्रसाद शर्मा की तीसरी पुण्यतिथि पर उनके गांव केशावे में एक बड़ा स्वास्थ्य मेला लगा, जिसमें योग्य चिकित्सकों द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य जांच, मेडिकल काउंसिलिंग, हृदय रोगियों की जान बचाने के लिए सीपीआर एवं अन्य प्राथमिक उपचारों के प्रशिक्षण की व्यवस्था थी।
रामानंद बाबू के पुत्र और वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन कुमार ने बताया कि जिस तरह से हार्ट अटैक और सडेन कार्डियक अरेस्ट महामारी का रूप लेते जा रहे है, वैसे में मरीजों को अकालमृत्यु से बचाने के लिए देश के हर दसवें व्यक्ति यानी लगभग 15 करोड़ लोगों को सीपीआर और इस तरह के अनेक प्राथमिक उपचारों के बारे में प्रशिक्षित करना होगा। इसके लिए देश भर में एक ऐसी मानव श्रृंखला का निर्माण करना होगा, जिसमें एक व्यक्ति इसे सीखकर दूसरे लोगों को सिखाता चला जाए।
पिछले तीन वर्षों से इस मुहिम को चला रहे अभिरंजन कुमार ने बताया कि इस बार लगभग 50 डॉक्टरों और सहायक स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा एक हज़ार से अधिक लोगों को नकली मानव शरीर यानी डमी के ऊपर सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बेगूसराय के गंगा ग्लोबल स्कूल, रिवर वैली पब्लिक स्कूल और केशावे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के छात्र विशेष रूप से शामिल हुए। मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं के मद्देनजर 10वीं और 12वीं के बच्चों को परीक्षा के बाद ट्रेनिंग दी जाएगी।

अभिरंजन ने बताया कि स्कूली बच्चों के अलावा, बिहार के कोने कोने से आए लोगों और संगठनों ने भी इसमें हिस्सा लिया। मुहिम की खास बात यह रही कि सभी प्रशिक्षित छात्रों और वयस्कों को प्रमाणपत्र भी दिया गया और अंत में उन्हें सामूहिक रूप से यह शपथ भी दिलाई गई कि आगे वे ज़्यादा से ज्यादा लोगों को सीपीआर देना सिखाएंगे और जब भी जरूरत पड़ी, हृदय रोगियों की जान बचाने से पीछे नहीं हटेंगे।
इस बार कार्यक्रम में जिन प्रमुख डॉक्टरों ने हिस्सा लिया, उनमें डॉ राहुल कुमार, डॉ रंजन चौधरी, डॉ प्रिय रंजन कुमार, डॉ निशांत रंजन, डॉ. अशित कुमार, डॉ रमण कुमार झा, डॉ. अनामिका, सनशाइन हेल्थ केयर के प्रमोद कुमार, ऑडियोलॉजिस्ट सौरभ इत्यादि शामिल रहे।
लोगों की जान बचाने के इस अनोखे अभियान को देखने और समर्थन देने के लिए बीबीसी के पूर्व पत्रकार मणिकांत ठाकुर भी आए। पद्मविभूषण शारदा सिन्हा के सुपुत्र और स्वर शारदा फाउंडेशन के अध्यक्ष अंशुमान सिन्हा ने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अपनी बहन और सुप्रसिद्ध गायिका वंदना सिन्हा के साथ मिलकर वे एक म्यूजिकल कैंपेन तैयार करेंगे। जाने माने पर्यावरणविद ने बताया कि खुद उनकी माताजी की जान सीपीआर देने से ही बची, नहीं तो उन लोगों ने मान लिया था कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। वहीं, बेगूसराय में नवगठित सिविल सोसाइटी के संयोजक अमरेन्द्र कुमार अमर ने कहा कि वे सीपीआर प्रशिक्षण अभियान को बेगूसराय के गांव गांव तक पहुंचाने के लिए वे हर संभव सहायता करने को तैयार हैं।
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है
सीपीआर प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच और काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद शाम में भजन संध्या भी आयोजित की गई, जिसमें पटना से आई उभरती गायिका वंशिका सिन्हा ने शानदार प्रस्तुति दी। “मधुबन खुशबू देता है, जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है” गाकर उन्होंने लोगों की जान बचाने के इस अभियान को उत्कर्ष प्रदान किया। इस मौके पर उन्हें रामानंद बाबू नवांकुर सम्मान भी प्रदान किया गया।
गुरु रहमान को रामानंद बाबू ऑनेस्टी अवॉर्ड और डॉ निशांत रंजन, डॉ अशित को स्वास्थ्य नायक सम्मान
रामानंद प्रसाद शर्मा की स्मृति में हर वर्ष रामानंद बाबू ऑनेस्टी अवॉर्ड और स्वास्थ्य नायक सम्मान भी दिए जाते हैं। इस वर्ष का ऑनेस्टी अवॉर्ड प्रसिद्ध शिक्षक एवं समाजसेवी गुरु रहमान को दिया गया, जिनके लगभग 4 हज़ार ऑफलाइन और साढ़े तीन लाख से ज्यादा ऑनलाइन छात्र हैं।
इस वर्ष का स्वास्थ्य नायक सम्मान दो मशहूर चिकित्सकों को दिया गया, जिनमें मेडिवर्सल अस्पताल के संचालक और प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निशांत रंजन एवं पटना एम्स में कंसल्टेंट रह चुके डॉ अशित शामिल हैं।
सभा के अंत में अभिरंजन कुमार ने मंच पर और दर्शक दीर्घा में मौजूद सभी लोगों को सीपीआर सीखने, सिखाने और लोगों की जान बचाने के लिए हर वक्त तैयार रहने की शपथ दिलाई।
“क्यों महाशिवरात्रि की रात रूद्राभिषेक को माना गया है सर्वश्रेष्ठ”



