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काशी व गंगा की थीम पर बनेगा सदन भवन, प्रधानमंत्री रखेंगे आधारशिला

वाराणसी के सिगरा स्थित नगर निगम मुख्यालय का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से ‘काशी-गंगा’ थीम पर शिवलिंग आकार का आधुनिक सदन भवन बनाया जाएगा। जी-प्लस फोर स्तर के इस भवन में 180 पार्षदों के लिए भव्य सदन हॉल, महापौर व नगर आयुक्त कार्यालय, डाटा सेंटर और नागरिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसकी आधारशिला रखे जाने की तैयारी है। यह भवन काशी के विकास का नया प्रतीक बनेगा।

वाराणसी। काशी के शहरी प्रशासन को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। सिगरा स्थित नगर निगम मुख्यालय परिसर में जर्जर हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्त कर उनकी जगह एक भव्य, अत्याधुनिक और हाईटेक नगर निगम सदन भवन का निर्माण किया जाएगा। लगभग 97 करोड़ रुपये (9699.65 लाख) की लागत से बनने वाला यह भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक स्वरूप देगा, बल्कि अपनी अनूठी स्थापत्य शैली और ‘काशी-गंगा’ थीम के कारण बनारस की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी चल रही है। नगर निगम प्रशासन ने इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेज कर दिया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीएण्डडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम को दी गई है, जो इसे ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर निर्धारित 15 माह की समयसीमा में पूरा करेगा।

शिवलिंग की आकृति में होगा भवन, ‘काशी-गंगा’ थीम बनेगी पहचान

इस भवन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बाहरी संरचना होगी, जिसे विशेष रूप से भगवान शिव के शिवलिंग की आकृति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यह डिजाइन काशी की आध्यात्मिक पहचान और गंगा की पवित्रता को दर्शाएगा। भवन की थीम ‘काशी-गंगा’ पर आधारित होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक और पारंपरिक सांस्कृतिक तत्वों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

वर्तमान योजना के अनुसार भवन को जी-प्लस फोर (चार मंजिला) स्तर पर बनाया जाएगा, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र 21,858.01 वर्ग मीटर होगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे जी-प्लस सेवन (सात मंजिला) तक विस्तार देने का प्रावधान भी रखा गया है।

भूतल पर आम जनता के लिए सभी सुविधाएं एक ही परिसर में

भवन के भूतल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आम नागरिकों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकें। यहां तीन अलग-अलग प्रभागों में विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।

इनमें प्रमुख रूप से

  • पुलिस चौकी
  • बैंक और पोस्ट ऑफिस
  • जनसंपर्क अधिकारी (PRO) कार्यालय
  • डाटा सेंटर और कंप्यूटर सेल
  • कैंटीन
  • जन्म-मृत्यु पंजीकरण कक्ष
  • रिकॉर्ड रूम
  • टैक्स कलेक्शन रूम
  • कैश काउंटर और वॉल्ट रूम
  • यूनियन हॉल और मीटिंग रूम

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे नागरिकों को विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

प्रथम तल पर बनेगा 180 पार्षदों की क्षमता वाला भव्य सदन हॉल

भवन के प्रथम तल पर नगर निगम का मुख्य आकर्षण 180 पार्षदों की क्षमता वाला आधुनिक सदन हॉल होगा। यहां पार्षदों और अधिकारियों के लिए अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं, ऑडियो-वीडियो सिस्टम और आधुनिक बैठक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोकतांत्रिक चर्चाओं और बैठकों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

पार्षदों, अधिकारियों और प्रशासन के लिए अलग-अलग आधुनिक कार्यालय

भवन के ऊपरी तलों पर प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विभागों का सुव्यवस्थित विभाजन किया गया है।

द्वितीय तल पर

  • पार्षदों के लिए विशेष कक्ष
  • वीवीआईपी रूम

तृतीय तल पर

  • टैक्स विभाग के कार्यालय
  • मीटिंग रूम

चतुर्थ तल पर

  • महापौर कार्यालय
  • नगर आयुक्त कार्यालय
  • अपर नगर आयुक्त कार्यालय
  • बड़ा कॉन्फ्रेंस हॉल

स्थापित किए जाएंगे।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा पूरा भवन

पूरे भवन में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें

  • दो-दो आधुनिक लिफ्ट
  • अत्याधुनिक सर्वर रूम
  • डिजिटल डाटा सेंटर
  • आधुनिक शौचालय
  • सुरक्षित रिकॉर्ड रूम
  • सुगम आवागमन व्यवस्था

शामिल होंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि होगी।

पूर्वांचल का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बनने की दिशा में कदम

नगर निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि यह भवन न केवल वाराणसी, बल्कि पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बने। यह भवन डिजिटल गवर्नेंस, स्मार्ट प्रशासन और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा।

काशी के विकास का नया प्रतीक बनेगा यह भवन : महापौर

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने इस परियोजना को काशी के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प से काशी का चहुंमुखी विकास हो रहा है। सिगरा स्थित नगर निगम का यह नया सदन भवन अधिकारियों और पार्षदों के लिए आधुनिक कार्यस्थल के साथ-साथ काशी की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा। ‘काशी-गंगा’ थीम पर आधारित यह भवन वैश्विक स्तर पर बनारस की नई पहचान स्थापित करेगा और सुशासन का प्रतीक बनेगा। यहां डिजिटल तकनीक और पौराणिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जिससे आम जनता को मिलने वाली सुविधाएं और अधिक सुगम होंगी।”

प्रशासनिक सुविधा और सांस्कृतिक पहचान का संगम

नगर निगम का यह प्रस्तावित भवन आधुनिक तकनीक, प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा उदाहरण होगा। यह परियोजना न केवल नगर निगम के कार्यों को सुगम बनाएगी, बल्कि काशी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक स्थापत्य के माध्यम से नई ऊंचाई भी प्रदान करेगी। आने वाले समय में यह भवन वाराणसी के शहरी विकास का एक प्रमुख प्रतीक और मील का पत्थर साबित होगा।

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