
अधिवक्ता दिवस पर दीवानी संघ से जुड़े 10 वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान
जयंती पर देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व का किया गया स्मरण
जौनपुर। भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती ‘अधिवक्ता दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर दीवानी न्यायालय संघ सभागार में अध्यक्ष समर बहादुर यादव की अध्यक्षता एवं मंत्री भूपेश चंद्र रघुवंशी के संचालन में गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें 10 वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। अधिवक्ता दिवस पर वरिष्ठ अधिवक्ता लालमणि मिश्र, राम नारायण सिंह, रजनीश पांडेय, इकबाल अहमद, राम प्रसाद मौर्य, पारसनाथ यादव, भृगुनाथ सिंह, ओमकार नंद मिश्र, रामेश्वर प्रसाद शर्मा, अरविंद कुमार सिंह को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह से भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अधिवक्ताओं के उत्तम व्यक्तित्व एवं विधिक ज्ञान की अधिवक्ताओं ने सराहना की।
इसके पूर्व अधिवक्ताओं ने राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा देश के प्रति उनके योगदान की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनकी जीवनी से अधिवक्ताओं को सीख लेनी चाहिए। अधिवक्ताओं के लिए यह गर्व की बात है कि एक अधिवक्ता भारत का प्रथम राष्ट्रपति बना।वह इतने महान थे कि अपनी बहन की मृत्यु पर रात भर सब के पास बैठ कर रोते रहे, दूसरे दिन सुबह जब उन्हें सूचना मिली कि गणतंत्र दिवस की परेड में जाना है तो शव छोड़कर दायित्व निभाने चले गए। 3 दिसंबर 18 84 को उनका जन्म हुआ तथा 28 फरवरी 1963 को निधन हुआ। वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेता एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। भारतीय संविधान के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान था, इसीलिए उनके जन्मदिवस को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अरुण प्रजापति, वेद भूषण शर्मा, शरद जायसवाल, शैलेश मिश्र, मंजीत कौर, विनोद प्रजापति, जयप्रकाश सिंह, डीपी सिंह, अवधेश सिंह, अनिल सिंह कप्तान, मंजू शास्त्री, तेज बहादुर गिरी, हिमांशु श्रीवास्तव, अजीत सिंह,विनोद श्रीवास्तव,बृजेश निषाद, नरेंद्र जायसवाल, मो.उस्मान,निलेश निषाद, अवधेश यादव आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।



