
नई दिल्ली । दिल्ली और आसपास के इलाकों में धुंध यानि कोहरे का पहरा है। जम्मू कश्मीर से लेकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक कोहरे की चादर बिछी हुई है। आलम ये है कि सिर्फ सुबह ही नहीं बल्कि शाम ढलते ही धुंध छानी शुरू हो जाती है । अमृतसर से लेकर लाहौर में तो मंगलवार को शाम 6 बजे ही विजिबिलिटी ज़ीरो हो गई थी। कोहरे का असर दिल्ली में दोपहर तक दिखा और आने वाले तीन दिनों तक इसमें बहुत ज़्यादा सुधार की गुंजाइश भी नहीं दिखाई दे रही है।
कोहरे के लिए ठंड में भी एक खास किस्म का तापमान और पैटर्न जरूरी होता है. जिस इलाके में तापमान एक ख़ास रेंज में रहता है, वहीं पर कोहरा बनने के लिए सबसे ज़्यादा अनुकूल परिस्थितियां होती हैं । मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक आर के जेनामनी कहते हैं, 9 डिग्री सेल्सियस से लेकर 13 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान कोहरा बनने के लिए सबसे ज़्यादा सही है और इन दिनों पूरे उत्तर भारत में रात और सुबह का तापमान इतना ही बना हुआ है. हवा भी नहीं है और वातावरण में भी किसी तरह की हलचल नहीं हो रही है. वर्टिकल यानि ऊपर दिशा की ओर चलने वाली हवा की रफ्तार भी 500 मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कम है। तो इन सब वजहों से जब एक बार कोहरा बन जाए तो छंटने में देरी होती है और एक बड़े इलाके में इसका असर दिखाई पड़ता है।
कोहरे का कहर! एक के बाद एक टकराईं 8 गाडिय़ां
उत्तर प्रदेश में कोहरे का कहर देखने को मिल रहा है। विजिबिलिटी ना के बराबर होने के कारण कई जगहों पर रोड एक्सीडेंट की घटनाएं सामने आ रही हैं। रायबरेली जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक सड़क किनारे बने घर की बाउंड्री वाल तोड़ते हुए पलट गया। गनीमत रही कि इस दौरान घर का कोई सदस्य बाहर नहीं था। ट्रक में आलू की बोरियां लदी हुई थीं।
इस हादसे में ड्राइवर व क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं. घटना मिलएरिया थाना क्षेत्र के मलिकमऊ चौराहे की है. इसके अलावा जिले में घने कोहरे के कारण एक ट्रैक्टर और दूसरे वाहन में टक्कर हो गई. इसमें एक शख्स की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.उन्नाव में भी देर रात बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 गाडिय़ां एक एक कर आपस में टकरा गईं। जिसमें तीन बस, एक कंटेनर और कारें शामिल है। यह सभी वाहन लखनऊ से आगरा की तरफ जा रहे थे।(वीएनएस)



