
लखनऊ । ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के खिलाफ अपने कई मांगों को लेकर समाधान के लिए सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजलीकर्मियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया। बिजलीकर्मियों ने शाम पांच बजे पूरे प्रदेश में मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। राजधानी लखनऊ में हाइडिल फील्ड हॉस्टल में पूरे दिन विरोध सभा हुई और शाम पांच बजे सैकड़ों मशाल प्रज्वलित की गई। यह कार्य बहिष्कार विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने किया था।
वहीं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के इस प्रस्तावित कार्य बहिष्कार में उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन हिस्सा नहीं ले रही है और उसके अधिकारियों ने आधा घंटा अधिक काम करने का फैसला लिया है। पूरे प्रदेश में किए जा रहे कार्य बहिष्कार व हडताल के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन के सदस्यों ने पूरे प्रदेश में सुचारू विद्युत व्यवस्था को पूर्व की भांति चलाने में पूरी ताकत लगाई।
संघर्ष समिति ने ऊर्जा निगमों में टकराव के लिए शीर्ष प्रबंधन की नकारात्मक व हठधर्मी कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही चेयरमैन पर सरकार को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मा ऊर्जा मंत्री जी से प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारियों राजीव सिंह, जितेंद्र सिंह गुर्जर,जी वी पटेल,जय प्रकाश,गिरीश पांडेय,सदरुद्दीन राना आदि ने बयान में बताया कि आम जनता को तकलीफ न हो, अतः कार्य बहिष्कार के प्रथम चरण में उत्पादन गृहों, पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों, सिस्टम ऑपरेशन, और 33 केवी विद्युत उपकेंद्रों में पाली में कार्यरत बिजली कर्मियों को कार्य बहिष्कार आंदोलन से अवमुक्त रखा गया है।(हि.स.)



