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करेंसी नोटों को कीटाणुमुक्तकरने के लिए स्वचालित यूवी सिस्टम विकसित

नई दिल्ली । रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रमुख प्रयोगशाला, रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई), हैदराबाद ने एक स्वचालित व संपर्करहित यूवीसी सेनेटाइजेशन कैबिनेट विकसित किया है, जिसे डिफेन्स रिसर्च अल्ट्रावायोलेट सेनेटाइज़र (डीआरयूवीएस) नाम दिया गया है। इसे मोबाइल फोन, आईपैड, लैपटॉप, करेंसी नोट, चेक, चालान, पासबुक, कागज, लिफाफे आदि को कीटाणुमुक्त करने के लिए डिजाइन किया गया है।

डीआरयूवीएसकैबिनेट का संपर्करहित संचालन किया जा रहा है जो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सेंसर स्विच तथा दराज को खोलने और बंद करने की सुविधा-इसके संचालन को स्वचालित और संपर्क रहित बनाती है। कैबिनेट के अंदर रखी गई वस्तुओं परयूवीसीका सभी तरफ से असर (360 डिग्री एक्सपोजर) होताहै। कीटाणुमुक्तकरने की प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद सिस्टम स्लीप मोड में चला जाता है इसलिए संचालन करनेवाले को उपकरण के पास इंतजार करने या खड़े होने की आवश्यकता नहीं होती है।

आरसीआई ने एक स्वचालित यूवीसीकरेंसी नोट सैनिटाइजिंग उपकरण भी विकसित किया है, जिसे नोट्सक्लीन नाम दिया गया है। डीआरयूवीएस का उपयोग करके नोटों के बंडलों को कीटाणुमुक्त किया जा सकता है, हालांकि इसका उपयोग करते हुए प्रत्येक करेंसी नोट को कीटाणुमुक्त करने की इस प्रक्रिया में काफी समय लगेगा। इसके समाधान के लिए, एक सैनिटाइजिंग तकनीक विकसित की गई है, जिसके तहतउपकरण के इनपुट स्लॉट मेंनोटों के बंडल को खुले रखनाहै। उपकरणएक-एक करके नोटों को लेता है और उन्हें पूर्ण रूप से कीटाणुमुक्त करने के लिए यूवीसीलैंप की एक श्रृंखला से होकर ले जाता है।

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