हादसे वाली जगह पहुंचे सीएम योगी, अधिकारियों से पूछा- आखिर कहां हुई चूक?
सहारनपुर दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा भूरा देव मंदिर और मां शाकम्भरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शाकम्भरी देवी खोल में अचानक आए जलप्रवाह से हुई दुर्घटना की समीक्षा की। उन्होंने जनहानि व आर्थिक नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने, श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने तथा एलिवेटेड रोड निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक आधारित अलर्ट सिस्टम को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सहारनपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सहारनपुर भ्रमण के दौरान बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर स्थलीय निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने मां शाकम्भरी देवी खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अचानक बाढ़ आने से हुई जनहानि एवं धनहानि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दुकानदारों के आर्थिक नुकसान का आकलन कराकर उन्हें नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो।
मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मुख्यमंत्री को पीपीटी के माध्यम से घटना की विस्तृत जानकारी दी। मुआवजे के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनहानि होने पर संबंधित परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पुलिस व्यवस्थाओं के दृष्टिगत पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा सीएम योगी को जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शारदीय नवरात्रि तक इसे पूर्ण करने का प्रयास किया जाए, अन्यथा दिसंबर माह तक प्रत्येक दशा में इसे अवश्य पूरा कर लिया जाए। निर्माण में समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। पुल निर्माणाधीन रहने तक आमजन की सुविधा के दृष्टिगत खोल के अंदर से आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए तथा खोल का चैनलाइजेशन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए। खोल में जलभराव की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने के लिए खोल के दोनों तरफ बोल्डर का प्रयोग किया जाए। आपदा की स्थिति में समय से अलर्ट किया जाए तथा आपदा में हानि होने की स्थिति में इसकी सूचना शासन को यथाशीघ्र दी जाए, जिससे उच्च स्तर पर राहत कार्य समय रहते किए जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदा मनुष्य के नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन तकनीक का प्रयोग कर जनहानि तथा धनहानि को कम किया जा सकता है।
बैठक में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एमएलसी श्रीचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक नरेश सैनी, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात मयंक पाठक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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