UP Live

काशी क्षेत्र को बनाएंगे ‘विकास का मॉडल’ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने की वाराणसी मंडल (जनपद वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर) में विकास कार्यों की समीक्षा .. भ्रष्टाचारियों से की जाए सरकारी क्षति की वसूली , समग्र काशी क्षेत्र के पर्यटन विकास की बने समन्वित कार्ययोजना .

लखनऊ : ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  का संसदीय क्षेत्र होने के कारण काशी का विशिष्ट महत्व है। पिछले 6 वर्षों में काशी ने विकास की एक नवीन यात्रा को प्रारंभ किया है। इसका लाभ आस-पास के जनपदों को भी प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री  के मार्गदर्शन में हम काशी की धर्म, संस्कृति और कला को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे आधुनिक और पुरातन के संगम का स्वरूप देते हुए ‘विकास के मॉडल’ के रूप में प्रस्तुत करेंगे। इस दिशा में कार्य तेजी से जारी है।

मुख्यमंत्री ने यह बातें सोमवार को वाराणसी मंडल (जनपद वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर) के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समग्र काशी क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए पर्यटन विकास की योजना तैयार की जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री  ने गाजीपुर में 55, जौनपुर में 11 चंदौली में 08 और वाराणसी में 07 निर्माण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायत पर जारी एसआईटी जांच के कारण काम प्रभावित होने की स्थिति पर जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी वसूली सुनिश्चित की जाए, लेकिन किसी के भ्रष्टाचार का असर विकास कार्यों की गति पर नहीं पड़ना चाहिए।

तैयार करें टिकाऊ और उपयोगी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री  ने जनपद चंदौली में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए निर्माणाधीन 08 आरओबी के निर्माण की राह के अवरोधों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने बताया कि 02 आरओबी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, शेष के लिए भी स्थानीय लोगों से संवाद, समन्वय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की परियोजना बनाते समय ही उसके उपयोगी और टिकाऊ होने की समीक्षा हर स्तर पर कर लें। कार्यदायी संस्था की क्षमता की परख कर लें और किसी भी दशा में बजट रिवीजन की जरूरत न आए। इसमें खर्च होने वाला पैसा जनता का है। लिहाजा इसका लाभ जनता को मिलना चाहिए। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, सफाई और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ओडीओपी के उत्पादों की ब्रान्डिंग करें। स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की कार्यवाही हो। गो-आश्रयों, गो आधारित जीरो बजट खेती, के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने मंडल में बकाया गन्ना मूल्य के शीघ्र भुगतान के लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को हर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा, कि आगामी पर्वों से पहले सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की कार्यवाही पूरी कर ली जाए।

स्मार्ट हो अपनी काशी, घर-घर पहुंचे नल:

मुख्यमंत्री  ने वाराणसी स्मार्ट सिटी तथा वाराणसी सहित अन्य जनपदों में अमृत योजना के सभी कार्यों को मानक के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के प्रस्ताव त्वरित और पारदर्शी ढंग से स्वीकृत किए जाएं। मंडल में अमृत योजना के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। इस योजना के तहत पेयजल और सीवरेज के कनेक्शन उपभोक्ताओं को शीघ्रता से उपलब्ध कराए जाएं।

समीक्षा, समयबद्धता और समन्वय पर जोर:

मुख्यमंत्री  कहा कि विकास कार्यों की प्रगति का भौतिक सत्यापन करते हुए समय से यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट निर्गत किए जाएं। ग्राम सचिवालय के लिए भूमि का चिन्हांकन शीघ्रता से किया जाए। जिलाधिकारी भूमि का चिन्हांकन एवं प्रशासनिक स्वीकृति उपलब्ध कराकर ग्राम सचिवालय का शिलान्यास करवाएं। मुख्यमंत्री  ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में खराब ट्रांसफार्मर बदलने का नियम है। इसका अनुपालन सख्ती से किया जाए। टोल फ्री नंबर पर शिकायत जरूर करें। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालयों के लिए ऐसे स्थल का चयन किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों तथा स्वच्छ भारत मिशन में निर्मित शौचालयों की जियो टैगिंग कराने के निर्देश भी दिए। आत्मनिर्भर भारत पैकेज अंतर्गत कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी वालों को लाभान्वित करने के लिए समन्वित प्रयास के भी निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर निर्णय में न करें विलंब

समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न पुल तथा सड़क निर्माण की मांग रखी। एमएलसी लक्ष्मण आचार्य जी ने रामनगर की रामलीला का दूरदर्शन पर प्रसारण करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री  ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद व समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें। उन्होंने शासन एवं जनपद स्तर के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा संज्ञान में लाए गए मामलों पर तेजी से निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मंडलीय समीक्षा बैठक में सूबे के मंत्री  नीलकंठ तिवारी,  उपेंद्र तिवारी,  आशुतोष टण्डन,  गिरीश यादव और  रमाशंकर पटेल की विशिष्ट उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेशवासियों के पैसे का शत-प्रतिशत उपयोग हो, इसके लिए सभी विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए इन्हें समयबद्ध और मानक के अनुरूप क्रियान्वित किया जाए।

इन परियोजनाओं पर रहा मुख्यमंत्री  का फोकस:

-काशी हिंदू विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन आईयूसीटीई भवन और 160 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाए।
– चंदौली में एल-3 लेवल के ट्रामा सेंटर के एल-2 लेवल उच्चीकरण में कतई देर न की जाए। यह जनहित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
– राजकीय आईटीआई, जौनपुर के लिए भूमि संबंधी अवरोध तत्काल दूर की जाए।
– राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-29 वाराणसी-गाजीपुर सेक्शन के 72 किमी लंबाई के चार लेन चौड़ीकरण का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए।
– वाराणसी रिंग रोड फेज-2 के निर्माण कार्य में देरी न हो। 44.25 किमी लंबी यह रिंग रोड आमजन को बड़ी सुविधा देने वाली होगी।
– पंचकोसी परिक्रमा मार्ग (चितईपुर-भीमचंडी-जंसा- रामेश्वर-कपिलधारा) के निर्माण कार्य में श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखें। काम मानक के अनुरुप ही हो।
– वाराणसी शहर में गैस वितरण की परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। पाइपलाइन बिछाने में जनसुविधाओं का ध्यान रखें।
-जेएनएनयूआरएम अंतर्गत ट्रांस वरुणा सीवरेज कार्य और
पहले से ही बहुत देर हो चुकी है। अब और देर न हो।
-जनपद चंदौली में बनने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराया जाए।
– जौनपुर में निर्माणाधीन उमानाथ सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज और जनपद गाजीपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
– गाजीपुर में 200 बेड चिकित्सालय के निर्माण में अत्यधिक बिलंब हो चुका है। अब इसे प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।
– जनपद गाजीपुर में एसटीपी स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता शीघ्र की जाए।

 

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button