पटना : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने कहा कि बिहार में अब राजनीतिक स्थिरता रहेगी और राज्य राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार में विकास की नई छलांग लगाएगा।श्री नड्डा ने रविवार को राजग सरकार के गठन के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार में जब भी एनडीए (राजग) की सरकार बनी है, राज्य में राजनीतिक स्थिरता आई है और विकास की नई छलांग लगाई है । उन्होंने जदयू को राजग का स्वाभाविक सहयोगी बताया और कहा कि जदयू का एनडीए में वापस आने का फैसला बिहार के विकास के लिए उत्साहवर्धक कदम है । बिहार में जनादेश भी राजग के पक्ष में ही है ।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि महागठबंधन सरकार के शासनकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गयी थी । उन्होंने दावा किया कि नयी और स्थिर सरकार में इस पर नियंत्रण कर लिया जायेगा ।श्री नड्डा ने आगामी लोकसभा के चुनाव में बिहार की सभी 40 सीटों पर जीत का दावा करते हुए कहा कि राजग राज्य में विधानसभा चुनाव भी आसानी से जीतेगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन को नापाक और अवैज्ञानिक गठबंधन बताया तथा कहा कि यह बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है और इसे टूटना ही है । यहगठबंधन वैचारिक रूप से विफल रहा क्योंकि पश्चिम बंगाल और पंजाब में इसकी घटक इकाइयों ने इसे धोखा दिया और अब बिहार में भी जदयू इससे बाहर हो गई है ।
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन का गठन परिवारों और संपत्तियों की रक्षा के लिए किया गया है और यह भ्रष्ट नेताओं का केंद्र है जो तुष्टिकरण की नीति को बढ़ावा देने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को ‘भारत तोड़ो यात्रा’ करार दिया और कहा कि यह यात्रा अपने आप में एक बड़ी विफलता है।श्री नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनवाते हुए कहा कि श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ज्ञान की भूमि के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री देश के युवाओं, किसानों के विकास और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बिहार में बनी राजग सरकार पर कहा कि प्रदेश डबल इंजन सरकार की शक्ति से प्रगति करेगा।
भाजपा ने उप मुख्यमंत्री बनाकर सम्राट की ‘पगड़ी’ का बढ़ाया मान
वंशवाद और परिवारवाद से परे की राजनीति का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने श्री सम्राट चौधरी को पार्टी के साथ महज सात साल के छोटे सफर में ही बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाकर उनकी पगड़ी का मान बढ़ा दिया है।भाजपा में वर्ष 2017 में शामिल हुए सम्राट चौधरी ने वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महागठबंधन में शामिल हो कर सरकार बनाने के बाद प्रण लिया था कि ‘नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतारने के बाद ही वह अपनी पगड़ी खोलेंगे।’ बिहार में सियासी हालात ऐसे बने कि श्री नीतीश कुमार को कुर्सी छोड़नी पड़ी और फिर एक नये समझौते के साथ उनकी (श्री कुमार) अगुवाई में सरकार बनी तब भाजपा ने श्री सम्राट चौधरी की आन-बान को कम नहीं होने दिया और उन्हें उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाकर उनकी ‘पगड़ी’ का मान और बढ़ा दिया।
श्री चौधरी के भाजपा में आने के एक साल बाद वर्ष 2018 में ही उन्हें बिहार भाजपा का उपाध्यक्ष बना दिया गया। इतना ही नहीं वर्ष 2020 में प्रदेश की राजग सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्री की जिम्मेवारी सौंपी गई। इसके बाद 27 मार्च 2023 को वह बिहार भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए। इससे पहले वर्ष 1999 में वह तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार में पहली बार कृषि मंत्री बनाए गए थे लेकिन उस समय उनकी उम्र को लेकर विवाद हुआ था। वह वर्ष 2000 और 2010 में खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए।मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लखनपुर गांव में 16 नवंबर 1968 को जन्मे श्री सम्राट चौधरी को राजनीति का ज्ञान उनके पिता श्री शकुनी चौधरी से मिला है। श्री शकुनी चौधरी खगड़िया से सांसद रहे थे। वह श्री नीतीश कुमार की समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रह चुके हैं।(वार्ता)
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