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2017 के पहले बेसिक एजुकेशन लगभग बंदी की ओर जा रही थी और माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन गई थीः मुख्यमंत्री

आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली, प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं, आज का उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से भारत का ग्रोथ इंजन बन चुकाः सीएम.राजकीय और सार्वजनिक संपत्ति समाज की संपत्ति, जो नुकसान करता है उसको टोकिए और कंप्लेंट कीजिए बाकी वसूली हम कर लेंगेः सीएम योग.मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त मेधावियों का किया सम्मान, वितरित किए एक लाख रुपए, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल.68वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता 2024-25 में स्वर्ण पदक विजेताओं को मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार से किया सम्मानित, प्रदान किए 75 हजार रुपए .122 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, निदेशालय समेत चंदौली, भदोही और मलिहाबाद में राजकीय विद्यालयों का किया शिलान्यास .राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम लैब्स की स्थापना के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग का टाटा नेल्को एवं यास्कावा के बीच हुआ एमओयू .

  • सीएम योगी बोले- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम चौंकाने वाले, नतीजे बताते हैं कि बालकों से ज्यादा मेहनत करती हैं बालिकाएं

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में केंद्र व राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त मेधावियों का सम्मान करने और टैबलेट वितरण के साथ ही 68वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता 2024-25 में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पिछले 8 वर्ष में हम माध्यमिक शिक्षा और स्कूली शिक्षा की तकदीर और तस्वीर को बदलने में सफल हुए हैं। 2017 के पहले बेसिक एजुकेशन लगभग बंदी की ओर जा रही थी। लगातार छात्र संख्या में गिरावट आ रही थी। माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन गई थी। आप सौभाग्यशाली हैं कि ऐसे समय में करियर को बना रहे हैं जब प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं है। आज का उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से भारत का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

पहले चलता था नकल और ट्रांसफर-पोस्टिग का धंधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने उत्तर प्रदेश में दो नए बिजनेस खोले थे। एक नकल के नाम पर और दूसरा ट्रांसफर पोस्टिंग का। प्रदेश में थोक के भाव में नकल के अड्डे संचालित होते थे। बाहरी छात्र केवल फॉर्म भरते थे और उनके नाम पर कोई दूसरा परीक्षा दे देता था। वहीं, यहां ट्रांसफर-पोस्टिंग का भी एक उद्योग चलता था। डबल इंजन की सरकार ने इन दोनों प्रकार के अनाचार को रोक करके पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली को प्रदेश में अपनाया। आज प्रदेश में हमने तय किया है कि परीक्षा वहीं होगी जहां सीसीटीवी कैमरे होंगे बाउंड्री वाल होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर और फर्नीचर होगा। अब परीक्षा 2-3 महीने नहीं चलती, बल्कि 13-14 दिन के अंदर संपन्न होती है।

60 हजार पुलिस कार्मिकों को देंगे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर एक क्षेत्र में 8 लाख से अधिक युवाओं को हमने पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी है। 15 जून को 60 हजार 244 पुलिस कार्मिकों की नियुक्ति का कार्यक्रम करने जा रहे हैं, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी मुख्य अतिथि होंगे। इन 60000 में 12000 से अधिक बेटियां हैं। 1947 से 2017 के बीच केवल 10000 बेटियों की भर्ती हुई थी, लेकिन यहां एक बार में ही 12000 से अधिक बेटियां भर्ती हो रही हैं। यह दिखाता है सरकार में काम करने की इच्छा शक्ति होनी चाहिए। परीक्षा छात्रों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनके अंदर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव पैदा करने का माध्यम होना चाहिए।

राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की करें कंप्लेंट

मुख्यमंत्री ने हंगामा करने वाले छात्रों को नसीहत देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव भी होना चाहिए। समाज के प्रति और राष्ट्र के अपनी जिम्मेदारियों का भाव होना चाहिए। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। जो नुकसान करता है उसको टोकिए। अगर कमजोर पड़ रहे हैं तो उसकी कंप्लेंट करिए। उसकी फोटो वायरल करिए, बाकी उसकी वसूली हम कर लेंगे। यह सार्वजनिक संपत्ति राष्ट्र की संपत्ति है और हम सब की सामूहिक जवाबदेही का हिस्सा है।

बालकों से ज्यादा मेहनत करती हैं बालिकाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम बड़े चौंकाने वाले रहे हैं। नतीजे बताते हैं कि बालिकाएं ज्यादा मेहनत करती हैं, जबकि बालक मेहनत करने में थोड़ा पीछे हैं। जिन छात्रों ने यहां पर मेरिट में स्थान प्राप्त किया है उन्हें ₹100000 नकद, एक टैबलेट, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया गया है। इसी तरह, जनपद स्तर पर मेरिट में आए बच्चों को ₹21000 धनराशि, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं, हमारी युवा प्रतिभा ने प्रधानमंत्री जी के खेलो इंडिया खेलो और फिट इंडिया मूवमेंट से प्रेरित होकर नेशनल लेवल के गेम्स में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। 68वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के 363 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें 179 पदक इन्होंने प्राप्त किए हैं। इसमें 51 स्वर्ण पदक, 46 रजत पदक और 82 कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को ₹75000 , रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को ₹50000 रुपए और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को ₹30000 प्रदेश सरकार की ओर से प्रोत्साहन के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। टीम गेम्स में जिन छात्रों ने स्वर्ण पदक जीता, उन्हें 35000 रुपए, रजत पदक पर ₹25000 और कांस्य पदक पर ₹15000 की राशि प्रदान की जा रही है।

संस्कृत भारतीय संस्कृति की आत्मा और आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा निदेशालय के नए भवन की आधारशिला भी रखी गई है। 2001 में माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का गठन हुआ था, लेकिन पिछले 24 वर्षों में इसके पास अपना भवन नहीं था। इस पर 42 करोड़ 42 लाख 20000 रुपए खर्च होंगे। इसमें संस्कृत की भव्य लाइब्रेरी भी होगी, जिसमें संस्कृत से जुड़ी रोचक जानकारियां होंगी और प्रशिक्षण, संभाषण समेत अन्य कार्यक्रम भी यहां पर होंगे। लखनऊ में जगत नारायण रोड पर जो राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज है, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत उसका नवीन भवन 48 करोड़ 92 लाख 80000 रुपए से बनने जा रहा है। ऐसे ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मलिहाबाद के नवीन भवन के लिए 10 करोड़ 36 लाख रुपए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चंदौली और भदोही में संस्कृत के दो नवीन विद्यालय (छात्रावास के साथ) के लिए भी करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यह संस्कृत के उन्नयन और उत्थान के लिए सरकार के द्वारा अपनी ऋषि संस्कृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का प्रयास है। संस्कृत को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है। यह भारतीय संस्कृति की आत्मा और आधारशिला है।

स्केल के साथ मिल रहा स्किल्ड बनने का अवसर

उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद और टाटा नेल्को व जापान की कंपनी यासकावा के साथ एक एमओयू भी किया है। यह एमओयू प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन के अनुरूप है, जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को भी अंगीकार किया गया है। यानी स्केल के साथ स्किल को भी सीखने का अवसर मिलेगा। इसके अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सरकारी विद्यालयों में डिजाइन, रोबोटिक और इलेक्ट्रॉनिक्स लैब की स्थापना का कार्य होगा। लगभग 162 करोड़ 72 लाख रुपए से यह कार्यक्रम चलेगा। यह हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित होगा,जिसके तहत एक संस्थान में लैब स्थापित होगी और उसे तीन संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से यहां का नौजवान ट्रेंड होकर स्किल मैनपॉवर के रूप में खुद को स्थापित कर पाएगा। यह एक नया अभियान है, एक नया अभिनव प्रयोग है।

इस अवसर वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा एवं वित्त दीपक कुमार और डीजी स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा मौजूद रहे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी संभल से वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़ीं।

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