जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी की पावन यात्रा एक बार फिर से श्रद्धालुओं के कदमों के लिए थम गई है। रविवार से शुरू होने वाली इस यात्रा को खराब मौसम और लगातार हो रही भारी बारिश के चलते अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दिया गया है। यह वही यात्रा है जो 19 दिनों के लंबे इंतजार के बाद श्रद्धालुओं के लिए शुरू होनी थी, लेकिन एक बार फिर हालात ने आस्था के सफर को रोक दिया।
मंदिर बोर्ड के अधिकारी ने जानकारी दी कि भवन और मार्गों पर लगातार बारिश का असर इतना गहरा है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल यात्रा को स्थगित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक संचार माध्यमों के जरिये ही यात्रा से संबंधित अपडेट प्राप्त करें और बिना पुष्टि यात्रा पर न निकलें।
गौरतलब है कि 26 अगस्त को अधकुवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने श्रद्धालुओं को गहरे सदमे में डाल दिया था। इस हादसे में कम से कम 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
समिति का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालिन काबरा कर रहे हैं, जबकि इसमें जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक बी.एस. टूटी शामिल हैं। समिति को एलजी सिन्हा के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी है।
उधर, 13 सितंबर को कटरा स्थित आध्यात्मिक विकास केंद्र में आयोजित बैठक में श्राइन बोर्ड ने आगामी नवरात्रि पर्व (22 सितंबर से 9 दिन) के दौरान तीर्थयात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने पर मंथन किया था। बैठक की अध्यक्षता सीईओ सचिन कुमार वैश्य ने की थी। उन्होंने साफ कहा था कि नवरात्रि के अवसर पर कटरा और भवन क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, इसलिए सभी विभागों को मिलकर निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करनी होगी।
फिलहाल यात्रा स्थगित होने से लाखों श्रद्धालुओं में मायूसी है, लेकिन हालात सामान्य होने और मौसम सुधरने के बाद ही इस पर अगला फैसला लिया जाएगा।



