अयोध्या दीपोत्सव 2026: 33 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, जानें पूरी तैयारी
दीपोत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। 7 नवंबर को रामनगरी में लगभग 33 लाख दीये जलाए जाने का अनुमान है। रामपथ फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजेगा। राम की पैड़ी पर 2,367.60 लाख रुपये की लागत से विजिटर गैलरी, सेल्फी पॉइंट और डिजाइनर म्यूरल वॉल विकसित की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल टॉयलेट, पेयजल और सफाई की विशेष व्यवस्था होगी। पर्यटन विभाग चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित कर रहा है।
अयोध्या : भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और भव्य आयोजन के माध्यम से त्रेतायुगीन वैभव की अनुभूति कराने के लिए तैयार हो रही है। दीपोत्सव-2026 को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नगर निगम और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सात नवंबर को प्रस्तावित दीपोत्सव के दौरान रामनगरी के प्रमुख मार्गों, चौराहों, घाटों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी तथा फूलों से सजाया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रस्तावित घाटों पर लगभग 33 लाख दीये जलाए जाने का अनुमान है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, कूड़ा प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस बार दीपोत्सव की तैयारियों में पारंपरिक धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और जनसहभागिता को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। राम की पैड़ी पर विकसित हो रही विजिटर गैलरी, सेल्फी पॉइंट, डिजाइनर म्यूरल वॉल, रेड सैंड स्टोन की फ्लोरिंग और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था पर्यटकों के लिए नए आकर्षण बनेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और दीपोत्सव की भव्यता को रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की योजना है।
रोशनी और फूलों से सजेगा रामपथ, प्रमुख चौराहों पर होगी विशेष सजावट
दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या के प्रमुख मार्गों और चौराहों को आकर्षक रोशनी से सजाने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम की ओर से रामपथ पर स्थित भवनों और बिजली के पोलों पर स्ट्रिप लाइटिंग की जाएगी। प्रमुख चौराहों पर सजावटी लाइटें और झालरें लगाई जाएंगी, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग के नाका, देवकाली, महोबरा और बूथ नंबर चार सहित अंडरपास पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
मेला क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों और ब्लैक स्पॉट पर भी रोशनी तथा सजावट की व्यवस्था की जा रही है। रामपथ समेत प्रमुख मार्गों पर पेड़ों को सजाया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सवी वातावरण दिखाई दे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-11 से लता मंगेशकर चौक तक रामपथ की दोनों ओर स्थित रेलिंग पर फूलों से सजावट की जाएगी। इसके अतिरिक्त अयोध्या धाम के प्रमुख चौराहों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को फूलों तथा कपड़ों से सजाने की योजना है।इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य रामनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य, सुंदर तथा उत्सवमय वातावरण उपलब्ध कराना है। दीपों की रोशनी और फूलों की सजावट के बीच अयोध्या के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को विशेष रूप से निखारने की तैयारी है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 30 मोबाइल टॉयलेट, 471 बायो शौचालय
दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी की है। अयोध्या धाम के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के अतिरिक्त प्रमुख स्थलों पर केयरटेकर सहित 30 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे।
नगर निगम सीमा में पहले से 471 बायो शौचालय स्थापित हैं, जहां निःशुल्क प्रसाधन सुविधा उपलब्ध है। पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर निगम क्षेत्र में कुल 85 वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें 48 अयोध्या धाम और 37 अयोध्या कैंट क्षेत्र में स्थित हैं। इसके अतिरिक्त 25 वाटर कियोस्क भी स्थापित हैं, जिनमें 18 धाम क्षेत्र और सात कैंट क्षेत्र में हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर वाटर टैंकर भी लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
नगर निगम की ओर से बस स्टेशन, धर्मशालाओं, रेस्तरां, होमस्टे, रेलवे स्टेशन और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी है। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रवर्तन दल सक्रिय हैं। आवारा गोवंश और छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए भी टीमें गठित की गई हैं, जो ऐसे पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजेंगी।
दीपोत्सव के बाद रात में ही होगी घाटों की सफाई
लगभग 33 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन के अनुमान को देखते हुए आयोजन के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई गई है। दीपोत्सव समाप्त होते ही रात में ही घाटों की सफाई शुरू कराई जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही और अगले दिन की व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
इसके लिए करीब 792 सफाई मित्रों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मचारी घाटों से दीये उठाने और परिसर की सफाई का काम करेंगे। राम की पैड़ी पर बालू का छिड़काव कर घाटों को साफ रखने की व्यवस्था भी की जाएगी। सफाई कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेशर वॉशर और स्क्रबर प्रेशर वॉशर जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार, दीपोत्सव के दौरान अयोध्या धाम के सभी मेला क्षेत्रों में 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी। कूड़ा एकत्र करने और उसके प्रबंधन के लिए 55 वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी नियमित सफाई कार्यों की निगरानी करेंगे, ताकि आयोजन के दौरान और उसके बाद भी शहर की स्वच्छता बनी रहे।
पॉलीथीन मुक्त अयोध्या के लिए जनजागरूकता अभियान
दीपोत्सव को स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जागरूक आयोजन बनाने के लिए नगर निगम पॉलीथीन मुक्त अभियान पर भी जोर दे रहा है। लोगों को पॉलीथीन का इस्तेमाल न करने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।इसके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीए सिस्टम) और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम (वीएमएस) के माध्यम से स्वच्छता संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इन माध्यमों से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने तथा पॉलीथीन से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा।
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए नगर निगम की टीम दिन-रात काम कर रही है। लगभग 33 लाख दीयों की रोशनी के साथ सफाई, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने पर जोर है, ताकि अयोध्या आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का अनुभव यादगार बने।नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने भी बताया कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सफाई, फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने और छुट्टा पशुओं को नियंत्रित करने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
राम की पैड़ी पर 2,367.60 लाख रुपये से विकसित हो रहीं आधुनिक पर्यटन सुविधाएं
दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक नया आकर्षण देखने को मिलेगा। यहां भव्य विजिटर गैलरी और सेल्फी पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं। परियोजना का उद्देश्य परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना और उन्हें अयोध्या यात्रा की यादें संजोने का अवसर देना है।इस परियोजना पर कुल 2,367.60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे इसी माह पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के तहत दीपोत्सव स्थल पर सीढ़ियों का निर्माण कराया जा रहा है। पूरे परिसर में रेड सैंड स्टोन की डिजाइनर फ्लोरिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त बड़े आकार के आकर्षक डिजाइनर कांच के दीये, सूर्य स्तंभ, डिजाइनर छतरियां, प्लांटेशन स्थल और बोलार्ड लाइट्स विकसित की जा रही हैं। इन सुविधाओं से राम की पैड़ी की सुंदरता बढ़ने के साथ पर्यटकों को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण मिलने की उम्मीद है।श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विकास प्राथमिकता में शामिल है। राम की पैड़ी पर विजिटर गैलरी और सेल्फी पॉइंट इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
परियोजना प्रबंधन से जुड़े मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, परियोजना का काम पूरा होने के साथ दीपोत्सव की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। लाखों दीपों से जगमगाता राम की पैड़ी क्षेत्र श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगा। नई सुविधाओं से उनकी सहूलियत बढ़ेगी और अयोध्या की पर्यटन संबंधी पहचान को और मजबूती मिलेगी।
डिजाइनर म्यूरल वॉल पर दिखेगी त्रेतायुगीन अयोध्या की झलक
राम की पैड़ी परिसर में बनाई जा रही डिजाइनर म्यूरल वॉल भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। इस पर धार्मिक स्थलों, त्रेतायुगीन मंदिरों और दीपों के आकर्षक चित्र उकेरे गए हैं। इनके माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक विरासत और प्रभु श्रीराम के युग की सांस्कृतिक छटा को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
दीपोत्सव के दौरान रोशनी से जगमगाते परिसर में यह म्यूरल वॉल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी। पारंपरिक धार्मिक विरासत और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का यह संगम राम की पैड़ी को नया स्वरूप देने के साथ अयोध्या आने वाले लोगों के अनुभव को और यादगार बनाने में सहायक होगा।विजिटर गैलरी, सेल्फी पॉइंट, आकर्षक फ्लोरिंग, डिजाइनर कांच के दीये और प्रकाश व्यवस्था के साथ राम की पैड़ी को एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां धार्मिक आस्था के साथ कलात्मक सजावट और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव भी मिल सके।
रंगों और रील्स के जरिए दुनिया देखेगी ‘नव्य अयोध्या’
दीपोत्सव-2026 में अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और बदलते स्वरूप को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहा है। इन प्रतियोगिताओं में देशभर के सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागियों को अयोध्या की परंपराओं, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, विकास कार्यों और दीपोत्सव की भव्यता को अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।दोनों प्रतियोगिताओं में प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि दो नवंबर निर्धारित की गई है। विजेताओं को दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या भारत की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत के प्रतीक के रूप में स्थापित हुई है। उनके अनुसार, चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं युवाओं तथा रचनात्मक प्रतिभाओं को अयोध्या के बदलते स्वरूप, विकास की गाथा और सनातन संस्कृति की भव्यता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का मंच देंगी। आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता के माध्यम से रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत तथा विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना इनका उद्देश्य है।
चित्रकला प्रतियोगिता: ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’
चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ (Celebrating Ayodhya Through Art) रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को जलरंग यानी वॉटर कलर के माध्यम से मौलिक पेंटिंग तैयार करनी होगी।कलाकृति में अयोध्या की विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, विकास की नई तस्वीर अथवा दीपोत्सव की भव्यता को दर्शाया जा सकता है। पेंटिंग स्वयं तैयार की गई होनी चाहिए और सार्वजनिक प्रदर्शन के अनुकूल होनी चाहिए।
पहले से प्रकाशित या नकल की गई कलाकृतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार चित्रों को भी प्रतियोगिता से बाहर रखा गया है। विषय से असंबंधित, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियां भी मान्य नहीं होंगी।
चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी इस लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit
रील मेकिंग प्रतियोगिता: ‘नए रूप में अयोध्या’
रील मेकिंग प्रतियोगिता की थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ (Ayodhya in a New Light) रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक रील तैयार करनी होगी। वीडियो में अयोध्या के विकास, उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजनों की झलक होनी चाहिए।
रील आकर्षक, स्पष्ट और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए। वीडियो में प्रयुक्त संगीत, दृश्यों और अन्य रचनात्मक सामग्री के लिए कॉपीराइट मुक्त संसाधनों का इस्तेमाल करना अनिवार्य है। दूसरे की सामग्री की नकल, बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री का प्रयोग तथा भ्रामक, आपत्तिजनक या विषय से हटकर प्रस्तुतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाली प्रविष्टियां भी मान्य नहीं होंगी।
रील मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी इस लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit
दोनों प्रतियोगिताओं के लिए निर्धारित क्यूआर कोड स्कैन करके भी आवेदन किया जा सकता है। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि दो नवंबर है।
नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव-2026 के माध्यम से अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्ता और विकास की नई गाथा को रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेंगी। उन्हें विश्वास है कि देशभर से भाग लेने वाली प्रतिभाएं अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार के माध्यम से अयोध्या की गौरवशाली परंपराओं और भव्य दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
‘विकास भी, विरासत भी’ की अवधारणा पर केंद्रित आयोजन
दीपोत्सव-2026 की तैयारियों में धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दे रहा है। एक ओर रामपथ और प्रमुख चौराहों पर फूलों तथा रोशनी से सजावट की जा रही है, वहीं दूसरी ओर राम की पैड़ी पर करोड़ों रुपये की परियोजना के तहत पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।लगभग 33 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन की तैयारी के साथ 792 सफाई मित्रों की तैनाती, 55 वाहनों से कूड़ा प्रबंधन, 30 मोबाइल टॉयलेट, मौजूदा बायो शौचालयों, वाटर कूलर और वाटर कियोस्क की उपलब्धता तथा जरूरत के अनुसार वाटर टैंकरों की व्यवस्था आयोजन के व्यापक प्रबंधन का हिस्सा है।
चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से आम लोगों को भी अयोध्या की कहानी अपने नजरिये से प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। इस तरह दीपोत्सव केवल दीप प्रज्ज्वलन और सजावट तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, पर्यटन विकास, जनसहभागिता और स्वच्छता प्रबंधन को जोड़ने वाला आयोजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।अयोध्या में चल रही इन तैयारियों का लक्ष्य दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य धार्मिक वातावरण के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन आकर्षण को और मजबूत करना है।
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