नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले सभी तरह के टीकों में करीब 60 फीसदी का उत्पादन भारत में होता है। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत ने दुनिया के टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया है।सीतारमण ने बुधवार को यहां ‘इंडियाज वैक्सीन ग्रोथ स्टोरी’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में लॉकडाउन के दौरान भी कोरोना टीकों का उत्पादन किया गया। इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन और लोगों को खुराक देना आसान नहीं था। इसके बावजूद प्रत्येक भारतीय नागरिक को कोरोना वैक्सीन की दोहरी खुराक दी गई और अब बूस्टर डोज दी जा रही है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अतिरिक्त सचिव सज्जन सिंह यादव की पुस्तक ‘इंडियाज वैक्सीन ग्रोथ स्टोरी’ का विमोचन करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक टीकाकरण में योगदान देना देश के ‘डीएनए’ में है। उन्होंने कहा कि दुनिया में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी टीकों में करीब 60 फीसदी भारत में बनते हैं। टीकाकरण के मामले में भारत का दुनिया में योगदान अतुलनीय है।उल्लेखनीय है कि भारत ने समयबद्ध तरीके से 200 करोड़ कोरोना टीकाकरण के लक्ष्य को पार कर लिया है। वैश्विक महामारी के राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोरोना वैक्सीन की 208.57 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।(हि.स)



