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शतरंज ओलम्पियाड मशाल रिले का नवाब नगरी ने किया इस्तकबाल

लखनऊ ; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में शतरंज ओलम्पियाड मशाल रिले-2022 का नवाब नगरी लखनऊ में गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। इस मौके पर पांच बार के विश्व विजेता ग्रैंड मास्टर विश्वनाथ आनंद की मौजूदगी खेल प्रेमियों के लिये आकर्षण का केन्द्र रही।अन्तर्राष्ट्रीय चेस फेडरेशन (फिडे) के तत्वावधान में 44वें शतरंज ओलम्पियाड प्रतियोगिता 28 जुलाई से दस अगस्त के बीच चेन्नई में खेली जायेगी। शतरंज ओलम्पियाड की इस 14 दिवसीय प्रतियोगिता में दुनिया के 150 से अधिक देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विधानभवन के सामने आयोजित एक भव्य समारोह में योगी ने विश्वनाथन आनन्द के साथ चेस बोर्ड पर सेरेमोनियल मूव भी किया।

भारत शतरंज की इस प्रतिष्ठित अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता की पहली बार मेजबानी कर रहा है। वर्ष 1927 से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका एशिया को भी तीन दशक के बाद मिला है। फिडे ने पहली बार शतरंज ओलम्पियाड मशाल की स्थापना की है, जो ओलम्पिक परम्परा का ही हिस्सा है।योगी ने इस मौके पर कहा कि भारत शतरंज ओलम्पियाड मशाल रिले आयोजित करने वाला पहला देश होगा। फिडे ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक शतरंज ओलम्पियाड के लिए मशाल रिले भारत से ही शुरू हुआ करेगी। यह भारत के लिए गौरव की बात होगी कि जिस विधा का जन्म भारत में हुआ हो, पांच हजार वर्ष पुरानी जिसकी परम्परा रही हो, इस परम्परा के साथ जुड़ने का अवसर हम सभी को मिल रहा है। यह सम्मान न केवल भारत का सम्मान है, बल्कि हमारे देश की शतरंज की इस गौरवशाली विरासत का भी सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शतरंज ओलम्पियाड की यह मशाल रिले देश के सभी 36 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों से गुजरेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जून को नई दिल्ली में इस मशाल रिले का शुभारम्भ किया। फिडे के अध्यक्ष अर्कडी ड्वोरकोविच ने प्रधानमंत्री को यह मशाल सौंपी थी, जिसे प्रधानमंत्री ने ग्रैण्ड मास्टर विश्वनाथन आनन्द को थमाया था।शतरंज ओलम्पियाड मशाल 40 दिनों में देश के 75 शहरों में जा रही है। यह मशाल रिले 25 जून को हरिद्वार से चलकर आज आगरा, कानपुर होते हुए राजधानी लखनऊ पहुंची है। 27 जून को अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज होते हुए पांच जुलाई को झांसी से गुजरेगी।मशाल रिले के स्वागत समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। भारत में खेलों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में दो लघु फिल्में भी प्रदर्शित की गईं। (वार्ता)

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