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कोरोना से जीवन के साथ जीविका को भी सफलतापूर्वक बचाया : सीएम योगी

फर्स्ट और सेकेंड वेव के प्रबंधन के अनुभव से थर्ड वेव को कुशलता और सफलतापूर्वक रोका गया .नया वैरिएंट वायरल फीवर जैसा, पर बचाव के लिए सतर्कता और सावधानी बहुत आवश्यक .

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश-दुनिया मे सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाते हुए सरकार ने जीवन के साथ लोगों की जीविका को भी सफलतापूर्वक बचाया है। कोविड की फर्स्ट और सेकेंड वेव के प्रबंधन में मिले अनुभव लाभ से थर्ड वेव को पूरी कुशलता और सफलता से रोका गया है। थर्ड वेव में सामने आया कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन बहुत घातक नहीं है, फिर भी इससे बचाव और इस पर काबू पाने के लिए सावधानी और सतर्कता बहुत आवश्यक है।

सीएम योगी शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड हॉस्पिटल और इसी परिसर में स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के सेकेंड वेव में मरीजों को नेगेटिव होने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग जा रहा था। लंग्स की क्रिटिकल समस्या और पोस्ट कोविड के मामले भी आ रहे थे। इसकी तुलना में थर्ड वेव उतनी खतरनाक नहीं है। नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर विशेषज्ञों के अनुसार अब तक तक जो ट्रेंड सामने आए हैं, उसमें यह सामान्य वायरल फीवर जैसा है।

प्रदेश में इसकी पॉजिटिविटी रेट 6 प्रतिशत है, पर इसमें 99 प्रतिशत मामले होम आइसोलेशन के हैं। होम आइसोलेट लोगों से इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर द्वारा सम्पर्क कर निरंतर समीक्षा की जा रही है। होम आइसोलेट लोगों को मेडीसिन किट उपलब्ध कराई गई है। गोरखपुर में कोरोना कि मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां 2241 एक्टिव केस हैं जिनमें से सिर्फ 12 को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा यानी 0.5 प्रतिशत मामलों में ही हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ी है। शेष मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है लेकिन अभी भी सभी को सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी। सभी लोग शासन की तरफ से तय गाइड लाइन का पालन करते रहें।

कोविड से बचाव का वैक्सीन सर्वोत्तम उपाय

सीएम योगी ने कहा कि पूरी दुनिया के विशेषज्ञों ने माना है कि कोविड से बचाव का वैक्सीन सर्वोत्तम उपाय है। सभी लोग टीका जरूर लगवाएं। जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह 25 जनवरी तक हरहाल में वैक्सीन लगवा लें। जिन्होंने पहली डोज ले ली हो, वह दूसरी डोज ले लें। दोनों डोज लेने वालों में साथ वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित (कोवार्मिड) प्रीकाशन या बूस्टर डोज लें।

प्रदेश में लग चुकी वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कोविड वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों को भी बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक 47.25 लाख किशोरों को वैक्सीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में कुल 35.50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है जिनमें से 29.59 लाख का टीकाकरण हो चुका है। यहां 33 प्रतिशत (101500) यूथ का वैक्सिनेशन किया जा चुका है। सीएम ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को टीकाकरण की नियमित समीक्षा का भी निर्देश दिया है।

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिली कामयाबी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरी दुनिया पौने दो वर्ष से कोरोना महामारी का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश ने इस महामारी पर न केवल कामयाबी पाई है बल्कि इसके रोकथाम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसकी सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया की अनेक संस्थाएं कर चुकी हैं। देश का सबसे बड़ा राज्य होने के चलते यूपी में कोरोना एक बड़ी चुनौती थी। पूर्व की सरकारों द्वारा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी से यह और चिंतित करने वाला विषय था। पर पीएम मोदी के मार्गदर्शन और हेल्थ वर्कर्स, कोरोना वारियर्स के बेहतरीन टीम वर्क से कोविड मैनेजमेंट का शानदार उदाहरण पेश किया गया।

आज हर जिले में जांच, इलाज की सम्पूर्ण व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2020 में जब प्रदेश में कोरोना का पहला मामला आया था तब इसके जांच तक की सुविधा नहीं थी। आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में जांच और इलाज की सम्पूर्ण व्यवस्था है। आज प्रदेश में चार लाख कोरोना जांच प्रतिदिन की क्षमता है। लेवल वन, टू और थ्री के 1.80 लाख बेड उपलब्ध हैं। कोविड के सेकेंड वेव में ऑक्सीजन की किल्लत देखने को मिली थी। इस समय भारत सरकार, वायुसेना, रेलवे की मदद के साथ ही टैंकरों से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराई गई थी। वर्तमान में ऑक्सीजन के मामले में प्रदेश आत्मनिर्भर है और यहां 558 ऑक्सीजन प्लांट फंक्शनल हैं।

गोरखपुर में कोरोना जांच की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10000 आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। साथ ही इस मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट और पीएसए प्लांट क्रियाशील है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन युक्त 500 बेड का डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल है जिसमें से 300 बेड वेंटिलेटर और एचएफएनसी की सुविधा वाले हैं।

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