
देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू हो गई है। सोमवार को जारी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 1 लाख 79 हजार 723 नए मामले सामने आए हैं और 146 लोगों की मौत हुई। इस दौरान 46,569 लोग स्वस्थ भी हुए। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि सक्रिय मामलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। ताजा आंकड़े के अनुसार देश में सात लाख से अधिक (7,23,619) सक्रिय मरीज हो गए हैं। देश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या की बात करें तो यह 3,57,07,727 हो गई है। वैक्सीनेशन का आंकड़ा 151 करोड़ को पार कर गया है। देश में ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 4,033 हो गई है। 1216 मामले के साथ महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। वहीं 529 मरीज के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर है। ओमिक्रोन के 4,033 मरीजों में से 1,552 मरीज डिस्चार्ज हो गए हैं।
स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्क, बीमार बुजुर्गों को एहतियाती खुराक लगनी शुरू
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे और पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा के बाद देश में आज से एहतियाती खुराक लगनी शुरू हो गई है। कोरोना वैक्सीन की यह तीसरी खुराक बूस्टर डोज के रूप में दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 25 दिसंबर को ही एहतियाती खुराक को लेकर एलान किया था। यह तीसरी खुराक फिलहाल हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही है।
मांडविया आज पांच राज्यों के सीएम से करेंगे बात
कोरोना संक्रमण की खतरनाक रफ्तार को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया आज पांच राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ संवाद करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक मांडविया राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र एवं केंद्रशासित प्रदेश दादर एवं नागर हवेली एवं दमन और दीव के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ डिजिटल माध्यम से संवाद करेंगे।
डेल्टा ने पकड़ा है जोर, ओमिक्रॉन को न समझें कमजोर
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की गतिविधियों का पता लगाने के लिए दिल्ली के डॉक्टरों को बड़ी कामयाबी मिली है। डॉक्टरों ने दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के सैंपल पर जब चिकित्सीय अध्ययन शुरू किया तो उन्हें ओमिक्रॉन वैरिएंट पकड़ में आया और सीक्वेंसिंग के दौरान डॉक्टरों ने इनमें 35 बार म्यूटेशन यानी वायरस की आनुवांशिक संरचना में 35 बार अलग अलग परिवर्तन देखने को मिले हैं।
मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि डॉक्टरों ने देश में पहली बार नैनोपोर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए अनुक्रमण रसायन शास्त्र पर कार्य किया है। इस प्रौद्योगिकी के जरिए इन्होंने ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रत्येक म्यूटेशन के बारे में न सिर्फ जानकारी एकत्रित की बल्कि यह किस तरह से मरीज के शरीर में असर डाल रहा है, इसके बारे में भी पता किया है।
साथ ही यह भी पता चला है कि ओमिक्रॉन के साथ अब डेल्टा वैरिएंट भी उपवर्गित होने लगा है जिसका मतलब यह है कि आगामी दिनों में दोनों ही वैरिएंट का असर दिल्ली में देखने को मिल सकता है। चिकित्सीय वर्ग इस स्थिति को जोखिम भरा मान रहा है क्योंकि दिल्ली में अब कोरोना के दो गंभीर वैरिएंट आ चुके हैं जिनमें से एक डेल्टा जिसे अति गंभीर माना जाता है और दूसरा ओमिक्रॉन जिसे तेजी से फैलने की क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है। यह दोनों ही वैरिएंट जन स्वास्थ्य के लिहाज से उचित नहीं हैं।
तब डेल्टा में केवल तीन मिले थे म्यूटेशन
अध्ययन के अनुसार दिल्ली के सबसे बड़े कोविड केंद्र लोकनायक अस्पताल में भर्ती 13 रोगियों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान ओमिक्रॉन वैरिएंट की गतिविधियों के बारे में पता लगाया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इसी अध्ययन से यह पता चला है कि दिल्ली में डेल्टा के बाद अब ओमिक्रॉन सबसे अधिक फैला है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब डेल्टा वैरिएंट पर उन्होंने अध्ययन किया था तो उसमें केवल तीन बार परिवर्तन देखने को मिला लेकिन जैसा कि दूसरे देशों के वैज्ञानिकों ने पाया है, ओमिक्रॉन वैरिएंट में डेल्टा से कई गुना अधिक परिवर्तन हो रहे हैं। 35 परिवर्तन हमने इस अध्ययन में देखे हैं और यह सभी वायरस के दूसरे वैरिएंट की भांति मरीजों के शरीर पर असर डालता है।
40 से 44 वर्ष वालों में सबसे कम 19 म्यूटेशन मिले
डॉ. सुरेश ने बताया कि जिन 13 मरीजों पर यह अध्ययन हुआ है उनकी आयु 5 से लेकर 59 वर्ष के बीच थी। सबसे ज्यादा 15 से 19 साल की आयु की किशोरियों में ओमिक्रॉन के म्यूटेशन हुए। उन्होंने बताया कि इस आयु में एक ही मरीज में 30 म्यूटेशन देखने को मिले हैं। जबकि 40 से 44 वर्ष की आयु के मरीजों में केवल 19 म्यूटेशन ही मिले। इस अध्ययन में लोकनायक अस्पताल के अलावा मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, आईजीआईबी और केरल के अमृता स्कूल ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी का सहयोग भी लिया गया है।
उम्रवार वायरस के अलग अलग म्यूटेशन
. 5 से 9 साल के एक बच्चे में 27 म्यूटेशन पाए गए।
. 20 से 24 साल की दो किशोरियों में से एक में 27 और दूसरी में 18 म्यूटेशन मिले।
. 15 से 19 साल के दो किशोर में 30 और 24 म्यूटेशन मिले, जबकि किशोरी में 30 म्यूटेशन हुए।
. 35 से 39 साल के एक पुरुष में 25 और महिला में 19 म्यूटेशन मिले।
. 40 से 44 साल के एक पुरुष में 20 और 55 से 59 साल के एक पुरुष में 18 बार वायरस ने परिवर्तन किया।
बूस्टर डोज़ के लिए कौन हैं पात्र, कहां करना होगा आवेदन? यहां जानें सबकुछ
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे और पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा के बाद देश में आज , सोमवार से एहतियाती खुराक लगना शुरू हो गई है। कोरोना वैक्सीन की यह तीसरी खुराक बूस्टर डोज के रूप में दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 25 दिसंबर को ही एहतियाती खुराक को लेकर एलान किया था। यह तीसरी खुराक फिलहाल हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को ही दी जाएगी। आइए, जानें इसके बारे में सबकुछ…
किसको लगेगी एहतियाती खुराक?
देश में फिलहाल हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स या फिर वरिष्ठ नागरिक जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें ही एहतियाती खुराक या बूस्टर डोज लगेगी। गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिक अपने डॉक्टर की सलाह पर ही एहतियाती खुराक ले सकेंगे।
क्या इसके लिए पंजीकरण आवश्यक है? अगर हां, तो कैसे होगा…
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि एहतियाती खुराक के लिए किसी भी प्रकार के पंजीकरण के आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पुराने पंजीकरण के आधार पर ही उन्हें कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जाएगी।
अप्वाइंटमेंट भी जरूरी है क्या?
एहतियाती खुराक के लिए CoWin एप पर बदलाव किया गया है। एप पर तीसरे डोज को लेकर फीचर जोड़ दिया गया है। ऐसे में आप सीधे इस फीचर के जरिए अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं। इसके अलावा सीधे वैक्सीनेशन सेंटर जाकर तीसरी खुराक लगवा सकते हैं। यहां भी आपको नया पंजीकरण करवाने की आवश्कता नहीं पड़ेगी।
दोनों खुराक और तीसरे डोज के बीच अंतर होना चाहिए क्या?
हां, अगर आपको कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी हैं और नौ महीने का समय बीत चुका है, तभी आप तीसरी खुराक के लिए पात्र होंगे।
एहतियाती खुराक को लेकर कोई मैसेज आएगा क्या?
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उन लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है, जो नौ महीने पहले वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। इसके अलावा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि अगर किसी को मैसेज नहीं मिलता है तो वह खुद से अपनी दूसरी खुराक के बीच अंतर देख लें।
क्या एहतियाती खुराक में कोई भी वैक्सीन ले सकते हैं?
नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसको लेकर भी साफ कहा है कि एहतियाती खुराक या तीसरी डोज उसी वैक्सीन की दी जाएगी, जो आपको पहले से लगी है। यानी अगर आपने कोरोना वैक्सीन कोवॉक्सिन को दोनों डोज लिए हैं तो तीसरा डोज भी इसी का लगेगा। इसी तरह कोविशील्ड लेने वाले लोगों को कोविशील्ड की ही एहतियाती खुराक दी जाएगी।
वैक्सीनेशन सेंटर पर किसी तरह के कागज ले जाने होंगे?
हां, एहतियाती खुराक लगवाने के लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक पहचान पत्र लेकर जरूर जाएं।



